अभिनंदन जैसा ईरान से अपना सैनिक छीन लाया अमेरिका, उधर ईरान के विदेश मंत्री ने जयशंकर को फोन घुमाया

By अभिनय आकाश | Apr 06, 2026

पैर कांप रहे थे, पसीने माथे पे थे। अमेरिका ने ईरान में एक ऐसा ऑपरेशन किया है जो मिलिट्री सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन के इतिहास में लिखा जाएगा। जिस तरह से भारत पाकिस्तान से अपने जांबाज पायलट अभिनंदन को बचा लाया था। ठीक वैसे ही अमेरिका फाइटर जेट क्रैश के बाद ईरान में गिरे अपने दो ऑफिसर्स को भी जिंदा बचा लाया है। हालांकि भारत और अमेरिका के ऑपरेशन में एक बहुत बड़ा फर्क है। इस फर्क के बारे में पाकिस्तान के एक सांसद ने अपनी ही संसद में खड़े होकर बताया था। । अमेरिका के इस रेस्क्यू ऑपरेशन ने भारत के उस ऑपरेशन की याद दिला दी है जिसमें उस समय के विंग कमांडर रहे अभिनंदन वर्धमान को बचाया गया था। भारत का ऑपरेशन अमेरिका से भी बेहद शानदार था। क्योंकि अभिनंदन को तो पाकिस्तान ने पकड़ ही लिया था। जबकि अमेरिकी सैनिक ईरान के कब्जे में नहीं आए थे। इस समय ईरान का एयर डिफेंस सिस्टम लगभग बेकार हो चुका है। ऐसे में अमेरिका के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन करना थोड़ा आसान हो गया था। लेकिन अभिनंदन के समय पाकिस्तान की स्थिति ईरान जैसी नहीं थी। पाकिस्तान तो अभिनंदन को पकड़ कर टॉर्चर करने की तैयारी कर रहा था। लेकिन भारत ने कुछ ऐसा किया जिसके चलते पाकिस्तान खुद अभिनंदन को भारतीय सीमा पर छोड़ने आया। आपने इतिहास में कभी नहीं देखा होगा कि दुश्मन देश हमारे सैनिक को सही सलामत छोड़ जाए। 

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वहीं भारत में ईरानी दूतावास ने भी इस बातचीत की पुष्टि की और बताया कि दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय हालात पर विस्तार से चर्चा हुई। सबसे ज्यादा ध्यान देने वाली बात जो है वो इस बातचीत की टाइमिंग है। यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका ने ईरान को सीधी और कड़ी चेतावनी दे दी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को फिर से एक बार 48 घंटों का अल्टीमेटम दे दिया है और कहा है कि अगर स्टेट ऑफ हार्मोस नहीं खुलता है तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स और पुलों को निशाना बनाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप यहीं नहीं रुके बल्कि उन्होंने अपने बयान में कड़े अपशब्द और विवादित शब्दों का इस्तेमाल करते हुए ईरान को गंभीर सैन्य कारवाही की धमकी दी। ट्रंप ने कहा कि अगर समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका सब कुछ उड़ा देगा और तेल पर कब्जा कर लेगा। इस बयान के बाद से ही तनाव एक बार फिर से बढ़ने की आशंका है। इस बढ़ते तनाव के बीच भारत ने ना सिर्फ ईरान से बातचीत की बल्कि मिडिल ईस्ट के अन्य देशों के साथ भी भारत संपर्क में है। दरअसल विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री अब्दुल्ला बिन जायद अलनहान से भी बातचीत की और मौजूदा हालात पर उनके साथ चर्चा की। इसकी जानकारी भी उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट करते हुए दी।

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इसके साथ-साथ विदेश मंत्री एस जयशंकर ने क़तर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री से भी फोन पर बातचीत की है। इसकी जानकारी भी उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट करते हुए दी। यानी कि भारत ने मिडिल ईस्ट के तीन देशों के साथ कल शाम को बातचीत की है। जिसमें ईरान, कतर और यूएई शामिल है। एक तरफ जहां ट्रंप ने ईरान को खुलेआम धमकी दी है। ऐसे में भारत के कदम बेहद अहम माना जा रहा है। भारत लगातार यह कहता आया है कि किसी भी संघर्ष का समाधान बातचीत और कूटनीति से होना चाहिए। ऐसे में भारत की यह सक्रियता इस ओर इशारा करती है कि वह संकट को संतुलित और जिम्मेदार तरीके से खत्म करवाना चाहता है।

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