By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Nov 03, 2026
वाशिंगटन, तीन नवंबर (एपी) अमेरिका ने ईरान के ठिकानों पर हमले किए हैं। अमेरिका के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। यह कार्रवाई मंगलवार को होने वाले महत्वपूर्ण मध्यावधि चुनावों से एक दिन पहले सीमित सैन्य अभियान के रूप में की गई प्रतीत होती है।
अलोकप्रिय युद्ध और इसके कारण अमेरिका में पेट्रोल की कीमतों तथा अर्थव्यवस्था के अन्य क्षेत्रों पर पड़े असर को रिपब्लिकन पार्टी की कमजोरी के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी संसद में अपना नियंत्रण बरकरार रखने की कोशिश कर रही है। एक अमेरिकी अधिकारी ने सोमवार को नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया कि हमलों में होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका के खिलाफ सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों का इस्तेमाल कर रहे ईरानियों को निशाना बनाया गया।
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब ईरान ने कहा है कि उसके पास इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को फिर से खोलने और अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता बहाल करने के लिए दो दिन की योजना है। सामान्य परिस्थितियों में दुनिया की कुल तेल आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा इसी जलमार्ग से होकर गुजरता था। आठ महीने से अधिक समय से जारी युद्ध के भविष्य को लेकर पर्दे के पीछे बातचीत भी चल रही है।
इस युद्ध ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को झकझोर दिया है और ईरान में भारी तबाही मचाई है। इजराइल और मध्य पूर्व के कुछ सहयोगी देश ट्रंप पर आगे की रणनीति को लेकर दबाव बना रहे हैं। अमेरिकी अधिकारी द्वारा हमलों की पुष्टि किए जाने से पहले, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सोमवार को पत्रकारों से कहा था कि उन्हें और ट्रंप, दोनों को संभावित बातचीत के जरिए समझौते की संभावनाओं को लेकर अच्छा महसूस हो रहा है।
ट्रंप प्रशासन ने इससे पहले सितंबर की शुरुआत में हमले किए थे। हालांकि, ईरान के आसपास के समुद्री क्षेत्र में हजारों अमेरिकी सैनिक अब भी मौजूद हैं। वे ईरानी तेल ले जाने वाले टैंकरों को वैश्विक बाजार तक पहुंचने से रोकने के उद्देश्य से लगाई गई नौसैनिक नाकेबंदी को बरकरार रखे हैं।
एक तीसरा विमानवाहक पोत और हजारों अतिरिक्त अमेरिकी सैनिक भी मध्य पूर्व की ओर रवाना हो रहे हैं। ईरान ने कहा है कि यदि अमेरिका उसकी मांगें मान लेता है, तो उसके पास होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता बहाल करने के लिए दो दिन की योजना है। ईरान ने इससे पहले कहा था कि यदि अमेरिका नाकेबंदी हटाने सहित उसकी सात शर्तें मान लेता है, तो इस योजना को एक सप्ताह के भीतर लागू किया जा सकता है।