US Student Visa का 61% रिजेक्शन रेट! भारतीय छात्र भूलकर भी न करें ये 5 बड़ी गलतियां

By दिव्यांशी भदौरिया | May 16, 2026

गौरतलब है कि अमेरिका का स्टूडेंट वीजा लेना काफी मुश्किल है, क्योंकि इसका रिजेक्शन रेट भारतीय छात्रों को टेंशन दे रहा है। अमेरिका में अगस्त में फॉल इनटेक के लिए क्लास शुरु हो जाएंगी। वैसे भारतीय छात्रों को एडमिशन मिल चुका है, वो अब फ्लाइट पकड़ने की तैयारी कर रहे हैं। 

इसका प्रमुख कारण है कि भारतीय छात्रों के लिए स्टूडेंट वीजा का रिजेक्शन रेट 61% रहा है। भारत के साथ-साथ कई देशों के छात्रों के लिए अमेरिका के स्टूडेंट वीजा रेट काफी बढ़ गया है।

Donald Trump के नेतृत्व में नई सरकार बनने के बाद अमेरिका ने इमिग्रेशन नीतियों को पहले से अधिक सख्त कर दिया है। इन बदले हुए नियमों का प्रभाव खासतौर पर भारतीय नागरिकों और वहां जाने की योजना बना रहे लोगों पर साफ तौर पर देखने को मिल रहा है।

असल में स्टूडेंट वीजा आवेदन के लिए आमतौर पर यूनिवर्सिटी से मिले एक्सेप्टेंस लेटर और I-20 फॉर्म की जरुरत पड़ती है। अब परेशानी यह है कि कई सारे डॉक्यूमेंट होने के बाद भी आवेदन रिजेक्ट हो जाता है। अब यहां सवाल उठता है कि वो कौन सी वजहें हैं, जो रिजेक्शन कारण बन चुका है। यदि आप भी वीजा के लिए अप्लाई कर रहे हैं, तो फिर ये गलती करने से जरुर बचें, जिससे रिजेक्शन की गुंजाइश खत्म हो जाए।

किन वजहों से US वीजा रिजेक्शन होता है?

पैसों की कमी

अक्सर वीजा इंटरव्यू के दौरान कई स्टूडेंट ये साबित नहीं कर पाते हैं कि उसके पास पढ़ाई और रहने का खर्च उठाने के लिए पर्याप्त पैसे हैं, तो वीजा मिलना काफी मुश्किल होता है। वहीं, स्टूडेंट के पास कम से कम एक साल की पढ़ाई और रहने का खर्च उठाने के लिए पर्याप्त पैसा होना चाहिए।

घर वापस लौटने का इरादा न होना

वीजा इंटरव्यू के दौरान स्टूडेंट को साबित करना पड़ता है कि वह कोर्स खत्म करने के बाद अपने देश चले जाएंगे। यदि वीजा अधिकारी को लगता है कि स्टूडेंट ऐसा नहीं करेगा और उसका यहां बसने का इरादा है, तो फिर इस आधार पर आवेदन रिजेक्ट हो जाता है।

दस्तावेजों में गलती

स्टूडेंट वीजा आवेदन के दौरान डॉक्यूमेंट्स में किसी भी तरह की मिस्टेक न हो। यदि डॉक्यूमेंट में दी गई जानकारी। I-20 फॉर्म से मेल नहीं खाती, तो इसे आधार बनाकर भी वीजा देने से इनकार किया जाता है।

 कोर्स की जानकारी न होना

यदि स्टूडेंट को चुने हुए कोर्स या यूनिवर्सिटी के बारे में सही जानकारी नहीं है और इंटरव्यू के दौरान यह वीजा अधिकारी के सवालों का जवाब नहीं दे पाता है, तो फिर आवेदन रिजेक्ट हो सकता है।

 देरी से आवेदन

ऐसे में कोई स्टूडेंट कोर्स शुरु होने की तारीख के करीब वीजा के लिए आवेदन करता है, तो रिजेक्शन संभावना बढ़ जाती है। यही वजह है कि स्टूडेंट्स को अक्सर मई-जून में ही वीजा के लिए आवेदन करना सबसे सही है।

क्या वीजा रिजेक्शन के खिलाफ अपील की जा सकती है?

आपको बता दें कि, अमेरिकी कानून में यूएस वीजा रिजेक्शन के खिलाफ अपील करने का कोई नियम नहीं है। यदि वीजा आवेदन रिजेक्ट हो गया, तो फिर वही आखिरी फैसला होगा। लेकिन अच्छी बात तो यह है कि रिजेक्शन के बाद भी स्टूडेंट्स वीजा के लिए फिर से अप्लाई कर सकते हैं। वीजा रिजेक्शन के 3 दिन बाद दोबारा अप्लाई करने की इजाजत होती है।

स्टूडेंट्स को दोबारा आवेदन करने से पहले ये जरुर देख लें कि उनका आवेदन किन वजहों से रिजेक्ट हुआ था। रिजेक्शन की वजह का पता लगाकर उसे सुधारा जा सकता है। इससे वीजा मिलने की संभावना भी बढ़ जाती है। हालांकि, दोबारा से आवेदन करने पर फिर से आवेदन फीस देनी होगी।

प्रमुख खबरें

US Supreme Court का ऐतिहासिक फैसला, Donald Trump की इमिग्रेशन नीति खारिज, जन्म से नागरिकता का अधिकार कायम।

Vaibhav Suryavanshi के Debut पर सस्पेंस, कप्तान Shreyas Iyer के जवाब से England Series से पहले मचा बवाल

T20 World Cup का मिला ईनाम, विस्फोटक बल्लेबाजी से Ishan Kishan बने दुनिया के No.1 Batsman

IPL Trade में मची खलबली, Hardik Pandya के लिए 7 टीमों में होड़, CSK-KKR रेस में सबसे आगे