By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 28, 2026
(सागर कुलकर्णी) वाशिंगटन, 28 सितंबर भारत सहित 20 देशों से आयात की जाने वाली दुर्लभ बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं और उनसे जुड़े अवयवों पर अमेरिका कोई मूल्यानुसार शुल्क नहीं लगाएगा। विश्व सीमा शुल्क संगठन के अनुसार मूल्यानुसार शुल्क, कर योग्य वस्तुओं के मौद्रिक मूल्य का एक निश्चित प्रतिशत होता है। अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने फेडरल रजिस्टर में इन देशों की सूची प्रकाशित की है।
इन दवाओं में इस्तेमाल होने वाले अवयव भी शून्य प्रतिशत शुल्क दर के दायरे में आएंगे। भारत के अलावा शून्य शुल्क दर वाली श्रेणी में शामिल अन्य देश अर्जेंटीना, बांग्लादेश, कंबोडिया, इक्वाडोर, अल साल्वाडोर, यूरोपीय संघ, ग्वाटेमाला, इंडोनेशिया, जापान, जॉर्डन, मलेशिया, उत्तरी मैसेडोनिया, दक्षिण कोरिया, स्विट्जरलैंड, लिकटेंस्टीन, ताइवान, थाईलैंड, ब्रिटेन और वियतनाम हैं। नोटिस में कहा गया कि इन देशों से आने वाले पात्र उत्पादों को शून्य प्रतिशत शुल्क का लाभ इसलिए मिल सकता है क्योंकि अमेरिका के साथ उनका इस समय व्यापार और सुरक्षा ढांचा समझौता है या आने वाले दिनों में यह समझौता हो सकता है।
यह छूट व्यापार विस्तार अधिनियम की धारा 232 के तहत दवाओं और दवा अवयवों के आयात पर दी जा रही है। एक परिशिष्ट में नामित कंपनियों के लिए यह शुल्क 31 जुलाई से लागू हो चुका है और अन्य दायरे में आने वाली कंपनियों पर यह 29 सितंबर से लागू होगा। वाणिज्य विभाग के नोटिस के अनुसार, जेनेरिक दवा उत्पाद और उनसे जुड़े अवयव धारा 232 के तहत लगने वाले दवा शुल्क के दायरे में नहीं आते हैं।