286 दिन समुद्र में रहने के बाद थकान उतारने के लिए Pattaya में उतरे 5000 अमेरिकी जवान, Thailand में Sex Workers के यहां पड़ने लगे छापे

By नीरज कुमार दुबे | Sep 02, 2026

286 दिनों तक समुद्र की लहरों और युद्ध के तनाव से जूझने के बाद अमेरिकी नौसेना का विशाल विमानवाहक पोत USS Abraham Lincoln आखिरकार थाईलैंड पहुंच गया है। हालांकि पत्ताया में हजारों अमेरिकी सैनिकों के उतरते ही सेक्स टूरिज्म को लेकर चर्चाएं भी शुरू हो गयी हैं। उधर, करीब 5000 अमेरिकी नाविकों और मरीन जवानों के आगमन को देखते हुए थाई प्रशासन ने पत्ताया के नाइटलाइफ इलाकों में पुलिसिंग बढ़ा दी है और कई जगहों को अमेरिकी सैन्यकर्मियों के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक 5000 नाविक और मरीन जवान महीनों बाद धरती पर खुलकर सांस लेने और कुछ सुकून भरे पल बिताने आये हैं लेकिन उनके आते ही पत्ताया शहर की चमकती रातों के पीछे सुरक्षा का कड़ा पहरा लग गया है।

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सबसे अहम बात यह है कि इस दौरान चालक दल ने लगातार 250 दिनों से अधिक समय समुद्र में बिना किसी पोर्ट विजिट के बिताया। इतने लंबे समय तक समुद्र में रहने के बाद जवानों को अब थाईलैंड की धरती पर कुछ समय बिताने का मौका मिला है। हालांकि, यह राहत भी कड़े नियमों और सुरक्षा घेरे में होगी।

पत्ताया में पुलिस का पहरा, सेक्स-टूरिज्म इलाके पर खास नजर

USS Abraham Lincoln के आने के बाद पत्ताया प्रशासन और थाई पुलिस किसी भी तरह का जोखिम लेने के मूड में नहीं है। शहर के मनोरंजन और नाइटलाइफ क्षेत्रों में सैकड़ों पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। अमेरिकी सैनिकों और मरीन जवानों के लिए कुछ इलाकों को स्पष्ट रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया है।

इनमें Soi 6 खास तौर पर शामिल है, जहां सेक्स वर्कर खुले तौर पर ग्राहकों को आकर्षित करते हैं। थाई अधिकारियों ने अमेरिकी सैन्यकर्मियों को साफ तौर पर याद दिलाया है कि थाईलैंड में वेश्यावृत्ति अवैध है। हालांकि, पत्ताया अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लंबे समय से अपने सेक्स-टूरिज्म उद्योग के लिए जाना जाता है और हालिया रिपोर्टों में शहर में सेक्स वर्करों की संख्या 25,000 से 50,000 के बीच बताई गई है। साथ ही अमेरिकी सैन्यकर्मियों को कैनाबिस की दुकानों से भी दूर रहने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा वॉटर स्पोर्ट्स, जेट स्कीइंग, बंजी जंपिंग, रेसलिंग और बॉक्सिंग जैसी कई मनोरंजक गतिविधियों पर भी रोक लगाई गई है।

40 बसों का बेड़ा, दो होटल तय

देखा जाये तो इतनी बड़ी संख्या में अमेरिकी सैन्यकर्मियों की आवाजाही को नियंत्रित करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। पत्ताया के मेयर पोरामेस नगामपिचेट्स के अनुसार, करीब 40 बसों का बेड़ा अमेरिकी जवानों को लाम चाबांग बंदरगाह और पत्ताया के बीच लाए-ले जाएगा। जहाज लाम चाबांग बंदरगाह पर डॉक करेगा, जबकि पत्ताया बैंकॉक से लगभग 150 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में थाईलैंड की खाड़ी के किनारे स्थित है। जो अमेरिकी जवान रात में तट पर रुकना चाहेंगे, उनके लिए दो होटलों को विशेष रूप से निर्धारित किया गया है। स्थानीय प्रशासन ने कारोबारियों को भी चेतावनी दी है कि वे अमेरिकी मेहमानों से अधिक कीमत न वसूलें।

युद्ध से सुस्त पत्ताया को अमेरिकी जवानों से उम्मीद

देखा जाये तो ईरान युद्ध का असर केवल युद्धक्षेत्र तक सीमित नहीं रहा। पत्ताया का पर्यटन और उपभोक्ता खर्च भी इससे प्रभावित हुआ है। स्थानीय कारोबारियों के अनुसार, शहर की अर्थव्यवस्था पहले जैसी रफ्तार में नहीं है। मशहूर Walking Street पर नाइटलाइफ के चमकदार विज्ञापन और गतिविधियां अब भी दिखाई देती हैं, लेकिन शहर सामान्य दिनों की तुलना में शांत बताया जा रहा है।

ऐसे में 5,000 अमेरिकी नाविकों और मरीन जवानों का आगमन स्थानीय कारोबारियों के लिए एक बड़ी आर्थिक उम्मीद बनकर आया है। कई दुकानदारों ने अपनी दुकान पर अमेरिकी सैनिकों और मरीन जवानों के लिए विशेष छूट का बड़ा बोर्ड लगा दिया है। उनका कहना है कि यह दौरा कारोबार के लिए शायद सबसे बड़ी उम्मीद साबित हो सकता है। लंबे समय से सुस्त बाजार में दुकानदारों को उम्मीद है कि महीनों तक समुद्र में रहने के बाद जवान पत्ताया में खरीदारी और मनोरंजन पर खर्च करेंगे।

वियतनाम युद्ध की याद फिर ताजा

वैसे पत्ताया में अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी इतिहास की एक पुरानी तस्वीर भी याद दिलाती है। वियतनाम युद्ध के दौरान लाखों अमेरिकी सैन्यकर्मी थाईलैंड से होकर गुजरे थे और उसी दौर में पत्ताया अमेरिकी सैनिकों के लिए एक प्रमुख Rest and Recreation यानी R&R destination बन गया था। आज, दशकों बाद, तस्वीर फिर कुछ हद तक वैसी ही दिखाई दे रही है। फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार अमेरिका के हजारों जवान एक असाधारण रूप से लंबी तैनाती और ईरान युद्ध के बाद यहां पहुंचे हैं।

जहाज के भीतर हालात पर भी उठे सवाल

हम आपको यह भी बता दें कि USS Abraham Lincoln की लंबी तैनाती के दौरान चालक दल की स्थिति को लेकर भी चिंताएं सामने आईं। हाल के दिनों में कुछ जवानों के परिवारों और अमेरिकी कांग्रेस के कुछ सदस्यों ने चालक दल के मानसिक स्वास्थ्य, भोजन की कमी और जहाज पर टॉयलेट खराब होने जैसी रिपोर्टों पर सवाल उठाए थे। वहीं अमेरिकी नौसेना ने भी स्वीकार किया है कि असाधारण रूप से लंबी तैनाती सैनिकों और उनके परिवारों पर मानसिक और भावनात्मक दबाव डाल सकती है। हालांकि, नौसेना ने जहाज पर हालात को लेकर सामने आई कुछ रिपोर्टों का खंडन भी किया है।

फिलहाल पत्ताया में चुनौती साफ है, हजारों थके हुए अमेरिकी जवानों को राहत भी देनी है और अनुशासन भी बनाए रखना है। स्थानीय कारोबारियों को कमाई की उम्मीद है, पुलिस को सुरक्षा की चिंता है और प्रशासन को दुनिया की निगाहों के बीच संतुलन साधना है। 286 दिनों के समुद्री सफर के बाद USS Abraham Lincoln के जवानों का यह पड़ाव केवल एक छुट्टी नहीं, बल्कि युद्ध, इतिहास, अर्थव्यवस्था और अनुशासन के बीच चल रही एक बेहद दिलचस्प कहानी बन गया है।

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