By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Dec 14, 2022
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार राज्य को डिजिटल प्रदेश बनाने की दिशा में प्रयासरत है और इसी कड़ी में विद्युत उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रही है। सरकार बिजली बिल के ऑनलाइन भुगतान के लाभ के बारे में उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए अभियान चला रही है। अभियान के तहत एक वीडियो संदेश सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किया जा रहा है जिसमें समय पर बिजली बिल का भुगतान करने के विभिन्न लाभ के बारे में बताया गया है।
उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार की पहल पर ग्रामीण क्षेत्रों में ‘बिजली सखी’ नामक स्वयं सहायता संगठनों की महिलाएं बिजली बिल संग्रह में लगी हुई हैं। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण निवासियों के लिए अपने बिजली बिल का भुगतान करना आसान हो गया है। यूपीपीसीएल की वेबसाइट पर ऑनलाइन शिकायतों के लिए एक सुविधा भी है, जिस पर दोषपूर्ण बिलों की सूचना दी जा सकती है। वीडियो में यह भी बताया गया है कि मीटर रीडर द्वारा मासिक रीडिंग लेते वक्त किन बातों का ख्याल रखना चाहिए। इसके अनुसार, वो उपभोक्ता जिनका बिल मीटर रीडर द्वारा बनाया जाता है वो परिसर में लगे मीटर नंबर और बिल पर लिखे मीटर नंबर का मिलान अवश्य कर लें।
इसके अतिरिक्त मीटर व बिल की रीडिंग में कोई अंतर नहीं होना चाहिए। रीडिंग मिलान नहीं होने की स्थिति में इसकी सूचना विभाग को अवश्य करा देनी चाहिए ताकि कार्रवाई की जा सके। इसमें कहा गया है कि यूपीपीसीएल की प्राथमिकता उपभोक्ताओं को सही विद्युत बिल सही समय पर उपलब्ध कराना है। सूचना के अनुसार, अगर किसी उपभोक्ता की विद्युत आपूर्ति मीटर खराब होने की वजह से बाधित हो गई है तो उसे तत्काल इसकी सूचना 1912 पर देनी चाहिए। इसके अलावा उपभोक्ता इसकी सूचना वेबसाइट पर दर्ज लिंक पर जाकर ऑनलाइन भी करा सकते हैं, या फिर लिखित शिकायत भी विद्युत कार्यालय के उपकेंद्र में की जा सकती है। सूचना प्राप्त होते ही प्राथमिकता में विद्युत आपूर्ति शुरू की जाएगी और जांच के बाद मीटर बदलने की कार्रवाई की जाएगी।