Uttarakhand की महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री Rekha Arya को उनके पति ने पीटा! FIR में लगाये गये आरोपों से आया सियासी भूचाल

By नीरज कुमार दुबे | Oct 16, 2026

उत्तराखंड की राजनीति में उस वक्त भूचाल आ गया, जब प्रदेश सरकार में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने अपने पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के खिलाफ मारपीट, धोखाधड़ी, जालसाजी और हत्या की साजिश रचने जैसे गंभीर आरोपों में पुलिस से शिकायत दर्ज कराई। गुरुवार शाम करीब 7:25 बजे देहरादून के गढ़ी कैंट थाने में इस मामले में FIR दर्ज की गई। प्राथमिकी में भारतीय दंड संहिता की 13 धाराएं और अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 के तीन प्रावधान शामिल किए गए हैं।

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हम आपको बता दें कि मंत्री द्वारा साझा की गई 8 मिनट 27 सेकंड की कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग में गिरधारी लाल साहू एक महिला से जमानत और जेल जाने की आशंका पर बातचीत करते सुनाई देने का दावा किया गया है। रिकॉर्डिंग के मुताबिक, वह महिला को “मेरे बाबू” कहकर भरोसा दिलाते हैं कि वह उसके साथ रहेंगे और उसे जमानत मिल जाएगी। बातचीत में महिला कथित तौर पर जेल जाने और खबर सार्वजनिक होने से अपनी छवि खराब होने की चिंता जताती है। जवाब में उसे आश्वस्त किया जाता है कि कुछ बाहर नहीं आएगा। इसी बातचीत में रेखा आर्य की मौत का कथित जिक्र और आपत्तिजनक भाषा इस्तेमाल किए जाने का दावा भी है। ऑडियो लग जायेगा।

हम आपको बता दें कि रेखा आर्य ने शिकायत में बताया कि उन्होंने 6 जुलाई 2004 को उत्तर प्रदेश के बरेली में गिरधारी लाल साहू से शादी की थी। उनका आरोप है कि साहू ने खुद को अविवाहित बताया था, जबकि उनकी पहले से पत्नी और बच्चे थे। मंत्री के मुताबिक, उन्हें इस कथित धोखे का पता कई साल बाद चला, लेकिन बच्चों की खातिर उन्होंने चुप्पी बनाए रखी। रेखा आर्य ने यह भी आरोप लगाया कि उनके पति दूसरी महिलाओं के संपर्क में रहे। विरोध करने पर कथित तौर पर लिखित और मौखिक माफी मांगी गई, लेकिन व्यवहार में बदलाव नहीं आया। शिकायत के अनुसार, आपत्ति जताने पर मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकियां दी जाने लगीं। मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि उनके आधिकारिक आवास पर कर्मचारियों के सामने जातिसूचक अपशब्द कहे गए।

हम आपको बता दें कि इस मामले में एक और गंभीर आरोप कथित दस्तावेजी जालसाजी का है। रेखा आर्य का दावा है कि उनके हस्ताक्षर फर्जी तरीके से कर ऐसे दस्तावेज तैयार किए गए, जिनसे यह दिखाया जा सके कि उन्होंने उन कंपनियों के निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया है, जिनसे वह जुड़ी थीं। उनका कहना है कि उन्होंने न तो ऐसे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए और न ही इस्तीफा दिया। FIR में भारतीय दंड संहिता की धारा 120-B (आपराधिक साजिश), 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना) और 420 (धोखाधड़ी) समेत अन्य धाराएं शामिल हैं। साथ ही SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम के तीन प्रावधान भी लगाए गए हैं।

साथ ही रेखा आर्य ने अपने संदेश में महिलाओं से घरेलू हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि महिला सामान्य हो या प्रभावशाली, उसे घरेलू अत्याचार सहकर चुप नहीं रहना चाहिए। मंत्री ने संविधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि वह अपनी जिम्मेदारियां निभाती रहेंगी। उन्होंने यह भी बताया कि उनके मायके पक्ष ने हमेशा उनका साथ दिया है।

अब इस मामले में पुलिस जांच की भूमिका अहम होगी। आरोपों की सच्चाई, कथित ऑडियो की प्रामाणिकता और दस्तावेजों से जुड़े दावों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। लेकिन इतना साफ है कि इस प्रकरण ने उत्तराखंड की राजनीति में एक ऐसा सवाल खड़ा कर दिया है, जिसका जवाब केवल बयानबाजी से नहीं, बल्कि निष्पक्ष जांच और तथ्यों से ही मिल सकता है।

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