By नीरज कुमार दुबे | Jan 31, 2024
भगवान राम अयोध्या स्थित अपने दिव्य भव्य और नव्य मंदिर में क्या विराजमान हुए, देश के बरसों पुराने मुद्दे सुलझने लगे हैं। अभी पिछले सप्ताह ही वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर के बारे में एएसआई की रिपोर्ट से खुलासा हुआ कि वहां पहले हिंदू मंदिर था जिसे ध्वस्त कर मस्जिद का निर्माण किया गया। उसके बाद देशवासियों का मन आज तब खुशी से झूम उठा और चारों ओर हर हर महादेव के नारे लगने लगे जब उत्तर प्रदेश के वाराणसी की जिला अदालत ने ज्ञानवापी परिसर में स्थित व्यास जी के तहखाने में हिंदुओं को पूजा—पाठ करने का अधिकार देने का आदेश दे दिया। जिला न्यायाधीश अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने तहखाने में पूजा पाठ करने का अधिकार व्यास जी के नाती शैलेन्द्र पाठक को दे दिया है। बताया जा रहा है कि प्रशासन सात दिन के अंदर पूजा—पाठ कराने की व्यवस्था करेगा और पूजा कराने का कार्य काशी विश्वनाथ ट्रस्ट करेगा।
वहीं हिंदू पक्ष के याचिकाकर्ताओं ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि हमें पूजा पाठ का अधिकार चाहिए था जोकि हमें मिल गया है यह बहुत खुशी की बात है। वहीं धर्मगुरुओं की भी प्रतिक्रियाएं इस मुद्दे पर आने लगी हैं। मुस्लिम पक्ष ने जहां अदालत के फैसले को निराशाजनक बताते हुए इसे चुनौती देने की बात कही है वहीं हिंदू पक्ष ने कहा है कि न्याय की जीत हुई है।