वास्तु दोषों के प्रभाव को कम करती है भगवान गणेश की प्रतिमा

By विंध्यवासिनी सिंह | Jul 02, 2020

अपना घर बनाना हर किसी का सपना होता है, और घर बनाते समय तमाम सावधानियां भी प्रत्येक मनुष्य रखता ही है। बावजूद इसके, अगर आपको लगता है कि आप के बने हुए भवन में वास्तु-दोष है, तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। वास्तु शास्त्र में भगवान गणेश की प्रतिमा से कई सारे वास्तु-दोष निवारण की विधियां बताई गई हैं। आप उनका सटीक प्रयोग कर अपने घर में मौजूद वास्तु दोष से मुक्ति पा सकते हैं।  

अगर आपको लगता है कि आप के भवन में नकारात्मकता ज्यादा है और सुख-समृद्धि में कमी हो रही है तो आप अपने मुख्य द्वार पर भगवान गणेश का बंदनवार लगाकर अपने इस कष्ट से मुक्ति पा सकते हैं। वैसे भी घर का मुख्य द्वार साफ सुथरा और स्वच्छ रहे तो इससे नकारात्मक शक्तियां ही दूर होती हैं। बावजूद इसके भगवान गणेश का बंदनवार लगाने से सकारात्मक शक्तियों को घर में प्रवेश करने का रास्ता मिलता है।

व्यवसाय में नुकसान

अगर आप अपना बिजनेस कर रहे हैं और पिछले कुछ दिनों से आपके व्यवसाय में लगातार घाटा हो रहा है और आपकी कंपनी तथा फैक्ट्री में जो भी प्रोडक्ट बन रहे हैं उनमें गिरावट आती जा रही है तो आपको इसके निवारण के लिए भगवान गणेश की प्रतिमा का चुनाव करना चाहिए। इसके लिए आप गणेश जी के प्रतिरूप 'स्वास्तिक' को ताम्र-पत्र में या फिर पूजा की थाली में स्थापित करने और नियमित रूप से इसकी पूजा करें। देखते - देखते आपके गिरे हुए व्यवसाय में वृद्धि आएगी और आप उन्नति करेंगे।

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बंद पड़े मकान में निवास

अगर आप किसी ऐसे मकान में रहने जा रहे हैं जो लंबे समय से बंद पड़ा है तो इसमें रहने से पहले आपको कुछ वास्तु के उपाय कर लेना चाहिए। वास्तु-शास्त्र के अनुसार लंबे समय से बंद पड़े घर में रहने से नकारात्मक शक्तियां उसमें हावी हो जाती हैं। इसीलिए ऐसे घर के प्रवेश-द्वार के ठीक सामने मुख्य द्वार की तरफ मुंह की हुई गणेश जी की 9 इंच की लंबी प्रतिमा को स्थापित करना चाहिए। इससे बंद पड़े घर की नकारात्मक शक्तिया दूर होती हैं और घर में सकारात्मक ऊर्जा बरकरार रहती है।

नए घर में गृह प्रवेश

अगर आपने अपने भवन का निर्माण कराया है और उसमें रहने के लिए जा रहे हैं तो गृह प्रवेश के पूर्व ही घर की लॉबी में पूर्व दिशा की दीवार पर भगवान गणेश की 6 इंच की प्रतिमा लगाएं। वास्तु-शास्त्र के जानकारों के मुताबिक, इससे घर में बेहद सकारात्मक ऊर्जा रहती है और इस घर में रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य और ऊर्जा में कोई कमी नहीं आती है।

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दक्षिण मुखी भवन

अगर किसी कारणवश आपके भवन का मुख दक्षिण दिशा में बना है तो आपको भगवान गणेश की ऐसी प्रतिमा अपने मुख्य द्वार पर लगानी चाहिए जो ना ही अधिक बड़ी हो और ना ही अधिक छोटी ही हो! इसके साथ ही उस दीवार की उल्टी साइड भी एक गणेश भगवान की प्रतिमा स्थापित करनी चाहिए और दोनों ही प्रतिमाओं की पीठ आपस में जुड़ी हुई होनी चाहिए। ऐसा करने से दक्षिण मुखी भवन की जो नकारात्मक शक्तियां होती हैं, वह कम हो जाती हैं।

इसके साथ ही भगवान गणेश को लेकर वास्तु शास्त्र में यह भी कहा गया है कि घर में सिर्फ एक ही गणेश की प्रतिमा स्थापित करें। ऐसा ना हो कि हर जगह भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई हों। ऐसा करने से विशेष लाभ नहीं मिलता है। 

तो ये हैं वो उपाय जिन्हें आजमा कर आप आपने घर के वास्तु-दोष को समाप्त कर सकेंगे।

- विंध्यवासिनी सिंह

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