By अनन्या मिश्रा | Sep 14, 2026
घर में शिवलिंग की स्थापना करना बेहद शुभ माना जाता है और शिवलिंग की पूजा से जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। घर में शिवलिंग की स्थापना करने से सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और कोई बुरी ऊर्जा घर में नहीं रहती है। वास्तु शास्त्र के मुताबिक घर में दैवीय आशीर्वाद और सुख-शांति बनाए रखने के लिए शिवलिंग को कुछ विशेष नियमों के पालन के साथ घर में स्थापित करना चाहिए। जिस तरह से वास्तु शास्त्र में शिवलिंग की सही दिशा को लेकर कुछ नियमों के बारे में बताया गया है। उसी तरह से शिवलिंग की जलहरी भी सही दिशा में रखना चाहिए। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको वास्तु के उन नियमों के बारे में बताने जा रहे हैं।
माना जाता है इस दिशा में शिवलिंग स्थापित कर अभिषेक करने से जलहरी का जल उत्तर दिशा की ओर प्रवाहित होना चाहिए। शिवलिंग को इस तरह से रखना चाहिए कि पूजा करने के दौरान आपका मुख पूर्व दिशा की ओर हो। वहीं शिवलिंग को हमेशा स्वच्छ और पवित्र स्थान पर रखना चाहिए।
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक घर में शिवलिंग की स्थापना करने और रोजाना नियमित रूप से पूजा-अर्चना करने से घर में सकारात्मकता बनी रहती है। साथ ही घर-परिवार के लोगों के बीच में प्रेम और स्नेह बना रहता है।
नियमित रूप से शिवलिंग की पूजा करने से घर के वातावरण से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर का वातावरण शुद्ध होता है। शिव पूजन से घर-परिवार में आर्थिक उन्नति और समृद्धि बनी रहती है।
अगर कोई व्यक्ति नियमित रूप से शिवलिंग पर जल चढ़ाता है और पूजा करता है, तो घर में सुख-शांति और सौहार्द बना रहता है।
अगर आपने भी अपने घर में शिवलिंग को स्थापित किया है, तो आपको नियमित श्रद्धापूर्वक शिवलिंग की पूजा-अर्चना करनी चाहिए।
नियमित शिवलिंग को स्नान कराएं और चंदन लगाएं। इसके बाद घी का दीपक जलाकर भगवान भोलेनाथ की आराधना करें।
शिवलिंग के सामने बैठकर कम से कम 11 बार 'ऊँ नम: शिवाय' मंत्र का जाप करना चाहिए।
वास्तु के मुताबिक घर के मंदिर में बहुत बड़े आकार का शिवलिंग नहीं रखना चाहिए।
अगर आप भी घर में शिवलिंग की स्थापना कर रहे हैं, तो वास्तु नियमों का पालन जरूर करें।