China में विक्ट्री डे परेड का मौका, अचानक धड़धड़ाते हुए अपनी ट्रेन लेकर घुसे किम जोंग उन, देखती रही दुनिया

By अभिनय आकाश | Sep 03, 2025

चीन में एससीओ बैठक खत्म होते ही एक नया खेल शुरू हो गया है। एससीओ में शामिल हुए ज्यादातर नेता तो वापस लौट चुके हैं। लेकिन चीन में दुनिया का एक नेता अपनी ट्रेन लेकर पहुंचा है। उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन अपनी प्राइवेट ट्रेन से चीन पहुंचे हैं। किम जोंग उन बीजिंग में होने वाले सैन्य परेड में हिस्सा लेंगे। दरअसल, 3 सितंबर को चीन में होने वाली विक्ट्री डे परेड में किम जोंग चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करेंगे। इन तीनों नेताओं के निशाने पर अमेरिका और पश्चिमी देश हैं। किम जोंग उन ने तो अपने हजारों सैनिक यूक्रेन से लड़ने के लिए रूस में तैनात कर रखे हैं। इसी मुद्दे पर बात करने के लिए किम जोंग चीन आए हैं। इतना ही नहीं किम उत्तर कोरिया की राजधानी से अपनी बख्तरबंद ट्रेन से रवाना हुए। कहा जाता है कि इस ट्रेन में एक रेस्टोरेंट कोच है। जिसमें फ्रेंच वाइन और ताजा लावस्टर जैसे व्यंजन परोसे जाते हैं। भारी सुरक्षा व्यवस्था की वजह से ये ट्रेन काफी धीमी चलती है। 

ग्रीन ट्रेन का इतिहास

पीली धारियों वाली इस हरे रंग की ट्रेन का लंबे समय से किम राजवंश से संबंध रहा है। किम के पिता, किम जोंग-इल, कथित तौर पर हवाई यात्रा से बचते थे और ज़्यादातर विदेश यात्राएँ ट्रेन से ही करते थे। उनकी यात्राओं में 2002 में प्रतिबंधों में ढील के दौरान रूस की यात्रा भी शामिल है। एक पूर्व रूसी अधिकारी, कॉन्स्टेंटिन पुलिकोव्स्की ने किम जोंग-इल की यात्राओं के दौरान ट्रेन में जीवन का वर्णन किया है। सीएनएन द्वारा 2002 में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, पुलिकोव्स्की ने लिखा था कि "रूसी, चीनी, कोरियाई, जापानी और फ्रांसीसी व्यंजनों का कोई भी व्यंजन ऑर्डर करना संभव था"। उन्होंने यह भी दावा किया कि रास्ते में बोर्डो वाइन और जीवित झींगे लाए जाते थे। लेकिन ये विवरण एक अलग दौर के हैं। 2003 में उत्तर कोरिया द्वारा परमाणु अप्रसार संधि से हटने के बाद अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध फिर से कड़े कर दिए गए थे। तब से, देश से बहुत कम विश्वसनीय जानकारी सामने आई है, जबकि रिपोर्टें व्यापक गरीबी और खाद्यान्न की कमी की ओर इशारा करती हैं। 

ट्रेन की विशेषताएँ

दक्षिण कोरियाई मीडिया रिपोर्टों में ट्रेन की सुरक्षा विशेषताओं का विस्तृत विवरण दिया गया है। सीएनएन द्वारा उद्धृत चोसुन इल्बो के 2009 के एक लेख में कहा गया है कि ट्रेन इतनी मज़बूती से बख्तरबंद है कि यह औसतन केवल 60 किमी प्रति घंटे की गति से चलती है। बताया गया है कि इसमें कॉन्फ्रेंस रूम, बेडरूम और दर्शकों के लिए कमरे हैं, साथ ही सैटेलाइट फ़ोन कनेक्शन और फ्लैट स्क्रीन टीवी भी हैं। दक्षिण कोरियाई अखबार के अनुसार, सुरक्षा बढ़ाने के लिए, ट्रेन के किसी स्टेशन पर प्रवेश करने से पहले अन्य रेलवे लाइनों की बिजली बंद कर दी जाती है।

प्रमुख खबरें

Surya Grahan 2026: कर्क राशि में लगेगा साल का आखिरी सूर्य ग्रहण, जानें सभी राशियों पर Impact

RAW Chief Parag Jain के Dhaka में कदम रखते ही Pakistani ISI की बढ़ गयी बेचैनी, Bangladesh पर पैनी नजर रख रहा है India

PM Modi का NDA सांसदों ने Parliament में तिरंगा लहराकर स्वागत किया

Prabhasakshi NewsRoom: Assam Arunachal Border पर क्यों चली गोलियां? 804 किलोमीटर सीमा पर 1200 विवाद क्यों नहीं सुलझ रहे हैं?