By रेनू तिवारी | Jun 04, 2026
खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव के बीच 3 जून 2026 को कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 (T1) पर एक भीषण ड्रोन हमला हुआ। इस आत्मघाती हमले में एक भारतीय नागरिक की दर्दनाक मौत हो गई और कम से कम 63 अन्य लोग घायल हो गए हैं। कुवैत सरकार द्वारा जारी सर्विलांस फुटेज में हमले के वक्त हवाई अड्डे पर मची अफरा-तफरी और तबाही का खौफनाक मंजर साफ देखा जा सकता है। इस हमले ने अमेरिका और ईरान के बीच 8 अप्रैल को हुए नाजुक युद्धविराम (Ceasefire) को पूरी तरह खतरे में डाल दिया है। हवाई अड्डे के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को पहुंचे भारी नुकसान के कारण देश के इस मुख्य हवाई मार्ग पर परिचालन को कुछ समय के लिए पूरी तरह रोकना पड़ा। कुवैत के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा 'X' (ट्विटर) पर जारी किए गए इस फुटेज में हमले के प्रभाव और उसके तुरंत बाद की स्थिति को दिखाया गया है। वीडियो में ऐसा प्रतीत होता है कि कोई मिसाइल या वस्तु टर्मिनल की इमारत से टकराती है, जिससे एक ज़ोरदार धमाका होता है और छत का एक हिस्सा ढह जाता है।
अधिकारियों ने कहा, "यह वीडियो ईरान की उस क्रूर आक्रामकता के शुरुआती पलों को दिखाता है, जिसका शिकार 3 जून 2026 को कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट का टर्मिनल 1 (T1) बना। इस हमले में लोगों की जान गई, कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए और संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंचा।"
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इस आरोप को सिरे से खारिज कर दिया कि उसने जानबूझकर एयरपोर्ट को निशाना बनाया था। ईरानी अधिकारियों ने दावा किया कि यह नुकसान अमेरिका निर्मित 'पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइल' में आई तकनीकी खराबी के कारण हुआ। अधिकारियों के अनुसार, यह मिसाइल ईरान की ओर से आ रही मिसाइलों को रोकने में नाकाम रही और खुद ही नीचे गिर गई, जिससे यह नुकसान हुआ।
हालांकि, कुवैती अधिकारियों ने अपनी बात पर कायम रहते हुए कहा है कि यह नुकसान ईरान के एक ड्रोन हमले के कारण ही हुआ है। कुवैत की सेना ने इस घटना को "ईरान की एक आपराधिक आक्रामकता" करार देते हुए इसकी कड़ी निंदा की है और इस हमले की पूरी जांच कराने का संकल्प लिया है।
कुवैत एयरपोर्ट पर हमला
अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में कम से कम 63 लोग घायल हुए हैं। आपातकालीन बचाव दल तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और यात्रियों तथा एयरपोर्ट कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला। अधिकारियों ने नुकसान का जायज़ा लेने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कुछ समय के लिए एयरपोर्ट पर सभी तरह के परिचालन को रोक दिया था।
भारत के विदेश मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि की है कि इस हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। कुवैत स्थित भारतीय दूतावास ने बताया कि वह कुवैती अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है और हमले में जान गंवाने वाले व्यक्ति के परिवार तथा घायल हुए लोगों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है। "दूतावास, भारत में पीड़ित परिवार को सभी ज़रूरी मदद देने और घायलों की सहायता करने के लिए कुवैती अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है," बयान में कहा गया।
इस हमले ने खाड़ी देशों के सामने बढ़ते खतरों को उजागर किया है; ये देश लंबे समय से खुद को क्षेत्रीय संघर्षों के सीधे असर से काफी हद तक सुरक्षित मानते रहे थे। कुवैत, अपने कई पड़ोसी देशों की तरह, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और विदेशी सैन्य संपत्तियों का केंद्र है, जिससे यह ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव की चपेट में आ जाता है।
इस बीच, ईरान ने अमेरिकी सेना पर केशम द्वीप पर एक टैंकर और एक संचार टावर को निशाना बनाकर हालिया टकराव को भड़काने का आरोप लगाया है। इन विरोधी बयानों ने ऐसे समय में तनाव और बढ़ा दिया है, जब क्षेत्रीय मध्यस्थ उस संघर्ष-विराम को बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं, जिस पर अब काफी दबाव पड़ रहा है।
हवाई अड्डे पर हुआ यह हमला 8 अप्रैल के संघर्ष-विराम के बाद से हुई सबसे गंभीर घटनाओं में से एक है; इस संघर्ष-विराम ने ईरान पर अमेरिका और इज़राइल के हमलों के कारण एक महीने से भी ज़्यादा समय तक चले संघर्ष को रोक दिया था।
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