By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 08, 2026
ठाणे (महाराष्ट्र), आठ अगस्त महाराष्ट्र के ठाणे की एक सत्र अदालत ने शिवसेना (उबाठा) नेता और पूर्व सांसद विनायक राउत, उनके बेटे गितेश तथा परिवार के तीन अन्य सदस्यों को घरेलू हिंसा और काला जादू विरोधी कानून के तहत दर्ज मामले में अग्रिम जमानत दे दी है। यह मामला विनायक राउत की बहू और गितेश राउत की पत्नी गिरिजा राउत की शिकायत पर ठाणे के कपूरबावड़ी थाने में दर्ज किया गया था। गिरिजा ने अपनी शिकायत में पति और ससुराल पक्ष के लोगों पर गंभीर शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न, वैवाहिक दुर्व्यवहार तथा प्रताड़ना के आरोप लगाए थे।
अदालत ने यह भी कहा कि आरोप प्रथम दृष्टया महाराष्ट्र काला जादू विरोधी कानून, 2013 के तहत प्रतिबंधित गंभीर ‘अघोरी’ प्रथाओं की श्रेणी में नहीं आते, जिनमें गंभीर शारीरिक हमला या शरीर को नुकसान पहुंचाने जैसी गतिविधियां शामिल होती हैं। अदालत ने कहा कि आरोपियों से हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि पांच में से चार आरोपियों का कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और उनके न्याय से भागने की संभावना भी कम है। उसने आदेश दिया कि पांचों आरोपियों को 25-25 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की एक या दो जमानती मुचलकों पर जमानत दी जाए।
अदालत ने गितेश राउत को निर्देश दिया कि अंतिम रिपोर्ट दाखिल होने तक वह हर शुक्रवार शाम सात बजे से आठ बजे के बीच कपूरबावड़ी थाने में उपस्थित रहें। वहीं, अन्य सह-आरोपियों को जांच अधिकारी के बुलाने पर थाने में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है।