By अनुराग गुप्ता | Nov 13, 2021
नयी दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली आईसीसी टी20 विश्वकप के बाद खुद को टी20 की कप्तानी से अलग कर लिया। इसका ऐलान उन्होंने टी20 विश्व कप से पहले ही कर दिया था और अब रोहित शर्मा को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। लेकिन माना जा रहा है कि विराट कोहली जल्द ही एकदिवसीय मुकाबलों और फिर टेस्ट की कप्तानी से भी खुद को अलग कर सकते हैं। हालांकि अभी उन्होंने ऐसे कोई भी संकेत नहीं दिए हैं लेकिन भारतीय टीम के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री ने इसके संकेत दिए हैं।
कोहली का कप्तानी रिकॉर्ड
विराट कोहली ने 95 एकदिवसीय मुकाबलों में कप्तानी की। जिसमें से भारतीय क्रिकेट टीम ने 65 मुकाबलों में जीत दर्ज की। जबकि 27 मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा। महेंद्र सिंह धोनी, सौरव गांगुली और मोहम्मद अजहरुद्दीन के बाद विराट कोहली चौथे सफलतम एकदिवसीय कप्तान हैं।इसके अलावा विराट कोहली के नाम एकदिवसीय मुकाबलों में धोनी के बाद कप्तान के तौर पर सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड हैं। धोनी ने 200 मुकाबलों में 6641 एकदिवसीय रन बनाए। जबकि विराट कोहली ने 5320 रन बनाए। वहीं विराट कोहली के एकदिवसीय कॅरियर की बात की जाए तो उन्होंने कुल 254 मुकाबलों में 43 शतक और 62 अर्धशतक की मदद से 12169 रन बनाए हैं।टेस्ट मुकाबलों में कप्तानी की बात की जाए तो विराट कोहली की अगुवाई में भारतीय क्रिकेट टीम ने 65 मुकाबले खेले हैं। जिनमें से 38 में जीत मिली, 16 मुकाबले गंवा दिए और 11 ड्रा हो गए। इन 65 मुकाबलों में से विराट कोहली ने 23 मुकाबले अपनी सरजमीं पर और 15 मुकाबले घर के बाहर जीते हैं। ऐसे में विराट कोहली के नाम कप्तान के रूप में सर्वाधिक टेस्ट मैचों का रिकॉर्ड है।धोनी को भी छोड़ा पीछे
विराट कोहली ने न्यूजीलैंड के खिलाफ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में बतौर कप्तान अपना 61वां टेस्ट मुकाबला खेला और इसी के साथ ही उन्होंने महेंद्र सिंह धोनी को पीछे छोड़ दिया। धोनी ने बतौर कप्तान 60 टेस्ट मुकाबले खेले हैं। इसके अलावा विराट कोहली ने 96 मुकाबलों की 162 इनिंग में 51.09 के औसत से 7765 रन बनाए। जिसमें 27 अर्धशतक, 27 शतक और 7 दोहरे शतक शामिल हैं।ICC मुकाबलों में नहीं चली किस्मतविराट कोहली की किस्मत आईसीसी मुकाबलों के लिए बेहद खराब साबित हुई। साल 2013 में भारतीय क्रिकेट टीम ने महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में अपना आखिरी आईसीसी खिताब जीता था। इसके बाद टीम ने 7 टूर्नामेंट खेले और सभी में निराशा ही हाथ लगी। महेंद्र सिंह धोनी के बाद कप्तानी का जिम्मा विराट कोहली के कंधों पर आ गया और उन्होंने कई मौकों पर टीम को मजबूत भी किया लेकिन आईसीसी टूर्नामेंट के मामलों में उनकी किस्मत उनके साथ नहीं दिखाई दी।साल 2013 की चैंपियंस ट्रॉफी के बाद भारतीय टीम की स्थिति और भी ज्यादा दयनीय हो गई। टी20 विश्व कप 2014, विश्व कप 2015, टी20 विश्व कप 2016, चैंपियंस ट्रॉफी 2017, विश्व कप 2019, विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2021 और टी20 विश्व कप 2021 में भारतीय टीम का प्रदर्शन साधारण दिखाई दिया और कोई भी टूर्नामेंट नहीं जीत पाए।