By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 06, 2026
नयी दिल्ली, छह अक्टूबर भारत के पूर्व क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण का मानना है कि श्रेयस अय्यर में भारतीय टीम की सफल कप्तानी करने की पूरी क्षमता है। उन्होंने कहा कि अय्यर की अच्छी तैयारी, रणनीति की समझ और विपक्षी टीम की ताकत को पहचानने की क्षमता उन्हें एक मजबूत कप्तान बनाती है। श्रेयस अय्यर ने जापान में भारत को पुरुष क्रिकेट का स्वर्ण पदक दिलाया।
वह खिलाड़ियों के कप्तान हैं। वह हर खिलाड़ी को सहज महसूस कराते हैं और खुद आगे बढ़कर नेतृत्व करते हैं।” उन्होंने कहा, “चाहे बल्लेबाजी की बात हो या मैदान पर फैसले लेने की वह टीम बैठक से पहले ही विपक्षी टीम की योजनाओं, उसकी ताकत और कमजोरियों को समझने के लिए बैठ जाते हैं। तैयारी को लेकर वह बहुत गंभीर रहते हैं।
फिटनेस पर भी काफी जोर देते हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि बतौर कप्तान उनका कार्यकाल बहुत सफल रहेगा।” अपने खेल के दिनों में शानदार बल्लेबाज रहे लक्ष्मण ने अय्यर की रणनीतिक समझ और टीम में मौजूद खिलाड़ियों की क्षमताओं को पहचानने की उनकी क्षमता की भी तारीफ की। उनका मानना है कि इन्हीं खूबियों की वजह से अय्यर अपने खिलाड़ियों से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करवाने में सक्षम हैं।
उन्होंने कहा, “वह खिलाड़ियों के बहुत अच्छे कप्तान हैं। रणनीति के मामले में वह बेहद समझदार और तेज हैं। वह अपनी टीम के हर खिलाड़ी की ताकत को समझते हैं और जानते हैं कि उनसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कैसे करवाना है।” लक्ष्मण ने कहा, “खासकर टी20 क्रिकेट में आपको विपक्षी टीम से एक-दो कदम आगे रहना होता है।
अय्यर जिस तरह विपक्षी टीम की ताकत और कमजोरियों को समझते हैं और उसके अनुसार पूरी तैयारी करते हैं, वह मुझे बहुत अच्छा लगता है।” लक्ष्मण की यह तारीफ एशियाई खेलों से पहले भारतीय टीम की मुश्किल तैयारियों के बाद आई है। खराब मौसम, लगातार यात्रा और मैदान पर अभ्यास के सीमित मौकों ने टीम की तैयारियों को चुनौती दी थी। लक्ष्मण ने कहा कि इन परिस्थितियों के बावजूद खिलाड़ियों का खुद को ढालना अभियान की सबसे अच्छी बातों में से एक रहा।
उन्होंने कहा, “जब से हम जापान पहुंचे, मौसम, यात्रा और अच्छे अभ्यास सत्रों की कमी के कारण हमारे सामने कई चुनौतियां थीं। लेकिन एक बार भी मुझे ऐसा नहीं लगा कि टीम या किसी खिलाड़ी में बड़े मुकाबलों के लिए तैयार होने की उत्सुकता नहीं है।” उन्होंने कहा, “हम जानते थे कि श्रीलंका के खिलाफ सेमीफाइनल की पिच मुश्किल थी, लेकिन खिलाड़ियों ने सकारात्मक रवैया दिखाया। फाइनल में भी बल्लेबाजी और गेंदबाजी, दोनों में टीम ने बेहद पेशेवर प्रदर्शन किया।” लक्ष्मण इस बात से भी खुश थे कि खिलाड़ियों ने उन परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढाला, जो उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और आईपीएल में आमतौर पर देखने को नहीं मिलतीं।
उन्होंने 2023 के हांगझोउ एशियाई खेलों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां की परिस्थितियां जापान से बिल्कुल अलग थीं, फिर भी खिलाड़ियों ने खुद को अच्छी तरह ढाला था। उन्होंने कहा, “चीन और जापान, दोनों जगह हमारे सामने अलग-अलग तरह की चुनौतियां थीं। मुझे खुशी है कि दोनों बार खिलाड़ियों ने परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढाला, बदलाव किए और देश के लिए मनचाहा परिणाम हासिल किया।” लक्ष्मण के लिए यह स्वर्ण पदक इसलिए भी खास था क्योंकि क्रिकेटरों को किसी बड़े बहु-खेल आयोजन में पोडियम पर खड़े होकर स्वर्ण पदक हासिल करने का मौका बहुत कम मिलता है।