By अनन्या मिश्रा | Jul 01, 2025
वेट लॉस के लिए अक्सर लोग वॉकिंग या रनिंग करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इनमें से किससे फैट ज्यादा तेजी से बर्न होता है और इसको करने का सही तरीका क्या है।
जब आप वॉक करते हैं, तो इसमें फैट ऑक्सीडेशन का उपयोग होता है। वहीं रनिंग करने में शरीर स्टोर किए हुए ग्लाइकोजन का इस्तेमाल होता है। ऐसे में जब हम वॉक करते हैं, तो हमारी बॉडी फैट बर्निंग जोन में होता है। वहीं इस दौरान फैटी एसिड्स और फैट सेल्स का ब्रेकडाउन होता है। बाद में यह एटीपी के फॉर्म में ऑक्सीडाइड हो जाते हैं। अगर आसान भाषा में इसको समझा जाए, तो इससे बॉडी में ज्यादा एनर्जी मिलती है।
जब आप रनिंग करते हैं, तो बॉडी के पास एनर्जी लेने का पर्याप्त समय नहीं होता है। इस दौरान शरीर को फौरन एनर्जी चाहिए होती है। इसलिए रनिंग के समय ग्लाइकोलिसिस एक्टिवेट होते हैं। हालांकि यह पूरी तरह से एनर्जी के लिए कार्ब्स और लिवर पर निर्भर होते हैं।
एक्सपर्ट के अनुसार, अगर आप वेट कम करना चाहती हैं, तो आपको चलने पर अधिक ध्यान देना चाहिए। वहीं वेट लॉस के लिए वॉकिंग एक बेहतर ऑप्शन है
यदि आप पेट की जिद्दी चर्बी को कम करना चाहती हैं, तो ज्यादा से ज्यादा वॉक करना चाहिए। इससे हमारी बॉडी फैट ऑक्सीडेशन मोड में आ जाती है। इस दौरान शरीर खुद को एनर्जी देने और चार्ज करने के लिए यह जमा किए फैट का इस्तेमाल करता है। साथ ही यह हार्मोन्स के लिए भी अच्छा होता है।
कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ के लिए रनिंग फायदेमंद माना जाता है। वहीं एनर्जी के लिए जमा किए हुए कार्ब्स का इस्तेमाल करती है। ऐसे में रनिंग करने से फैट से ज्यादा कार्ब्स बर्न होते हैं।