By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 29, 2022
जयपुर। क्षेत्रफल के लिहाज से देश के सबसे बड़े राज्य राजस्थान में सत्तारूढ़ कांग्रेस में जारी राजनीतिक गतिरोध के बीच स्थानीय नेताओं में पार्टी के भीतर बने धड़ों के प्रति वफादारी दिखाने की होड़ मची है। इन नेताओं में ‘खुद को आलाकमान का वफादार’ बताने की होड़ सी मची है। राजस्थान पर्यटन विकास निगम (आरटीडीसी) के अध्यक्ष और गहलोत के वफादार धर्मेंद्र राठौड़ ने बृहस्पतिवार को सचिन पायलट खेमे के माने जाने वाले विधायक वेद प्रकाश सोलंकी पर निशाना साधा। राठौड़ ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, मैं यह साबित करने के लिए साक्ष्य दूंगा कि कौन गद्दार है और कौन वफादार। यह सबके सामने आएगा। सोलंकी ने जिला परिषद चुनाव के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनियां से एक होटल में मुलाकात की थी। उन्होंने सोलंकी की भाजपा अध्यक्ष पूनियां के साथ बैठक का एक वीडियो दिखाया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि यह जिला परिषद चुनावों के दौरान सदस्यों की खरीद फरोख्त की साजिश थी। जिला परिषद चुनाव के प्रभारी रहे, मंत्री गोविंद राम मेघवाल ने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने पार्टी को नुकसान पहुंचाने में सोलंकी की भूमिका के बारे में शिकायत की थी लेकिन राजस्थान प्रभारी अजय माकन ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की।
मीणा ने कहा, जिस तरह से हमारे लिए देशद्रोही और असंसदीय का इस्तेमाल किया जा रहा है, वह गलत है। उन्होंने कहा कि विधायक 2020 में एक महीने तक दिल्ली में रहे, लेकिन उन्होंने कांग्रेस आलाकमान के बारे में एक शब्द भी नहीं कहा। मीणा ने कहा, ’हम घर पर बैठ सकते हैं, लेकिन भाजपा के साथ नहीं जा सकते। हमें दुख है कि हमारे लिए देशद्रोही शब्द का इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन अब यह बताया जाना चाहिए कि आलाकमान को कौन धोखा दे रहा है।’’ उन्होंने यह भी कहा कि अगर स्थिति बनती है तो वह मध्यावधि चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं। उल्लेखनीय है कि मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बृहस्पतिवार को नई दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। वहीं सचिन पायलट भी दिल्ली में हैं।