West Asia में जंग की आग, Crude Oil की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल, Iran संकट से सहमा बाजार।

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 03, 2026

ईरान पर अमेरिका और इजराइल के समन्वित हमलों के बाद पश्चिम एशिया में जंग के हालात से सोमवार को वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया। होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल एवं गैस टैंकर की आवाजाही प्रभावित होने से दाम में तेजी आई है। अमेरिकी तेल की कीमतें 7.6 प्रतिशत बढ़कर 72.12 डॉलर प्रति बैरल हो गईं, जबकि अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत 8.6 प्रतिशत बढ़कर 79.11 डॉलर प्रति बैरल हो गई।

वहीं यूके मेरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस सेंटर ने जलडमरूमध्य के दोनों ओर के क्षेत्र में कई जहाजों पर हमलों की सूचना दी है। कारोबारियों को आशंका है कि कि ईरान और पश्चिम एशिया के अन्य देशों से कच्चे तेल की आपूर्ति धीमी पड़ सकती है या ठप हो सकती है। क्षेत्र में हमलों, खासकर फारस की खाड़ी के संकरे प्रवेश मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे दो जहाजों पर हमले के कारण निर्यात क्षमता प्रभावित हुई है। ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में हमले लंबे समय तक जारी रहे तो कच्चे तेल और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आगे और बढ़ोतरी हो सकती है। ऊर्जा विश्लेषण कंपनी रिस्टैड एनर्जी ने कहा कि प्रतिदिन लगभग 1.5 करोड़ बैरल यानी वैश्विक आपूर्ति का करीब 20 प्रतिशत कच्चा तेल होर्मुज जलडमरुमध्य से होकर गुजरता है।

यह तेल मार्ग विश्व का सबसे अहम ‘चोकपॉइंट’ (संकरा रणनीतिक मार्ग) माना जाता है। होर्मुज जलडमरुमध्य के उत्तर में ईरान स्थित है, जबकि इस रास्ते से सऊदी अरब, कुवैत, इराक, कतर, बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और ईरान का तेल एवं गैस निर्यात होता है। ईरान ने फरवरी के मध्य में सैन्य अभ्यास का हवाला देते हुए जलडमरूमध्य के कुछ हिस्सों को अस्थायी रूप से बंद किया था। उसके बाद तेल कीमतों में लगभग छह प्रतिशत की तेजी आई थी। इस बीच, तेल उत्पादक देशों के समूह ‘ओपेक प्लस’ के आठ सदस्यों ने रविवार को तेल उत्पादन बढ़ाने की घोषणा की। पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक) ने कहा कि वह अप्रैल में प्रतिदिन 2,06,000 बैरल उत्पादन बढ़ाने जा रहा है। उत्पादन बढ़ाने वाले देशों में सऊदी अरब, रूस, इराक, यूएई, कुवैत, कजाखस्तान, अल्जीरिया और ओमान शामिल हैं। रिस्टैड एनर्जी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जॉर्ज लियोन ने कहा, “वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। ऐसे में बाजार इस बात को लेकर अधिक चिंतित है कि कच्चे तेल की खेप वास्तव में यहां से जा पाएगी या नहीं। यदि खाड़ी क्षेत्र में आवाजाही बाधित होती है तो अतिरिक्त उत्पादन से तत्काल राहत सीमित रहेगी।”

ईरान प्रतिदिन लगभग 16 लाख बैरल तेल का निर्यात करता है, जिसका अधिकांश हिस्सा चीन को जाता है। यदि ईरान का यह निर्यात बाधित होता है तो चीन को वैकल्पिक आपूर्ति स्रोत तलाशने पड़ सकते हैं, जिससे वैश्विक ऊर्जा कीमतों पर और दबाव बढ़ सकता है।

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