By एकता | Jun 21, 2026
पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा समेत राज्य के कई बड़े कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्षा सोनिया गांधी और पार्टी आलाकमान से मुलाकात की। इस मीटिंग के बाद से पंजाब की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
मुलाकात के बाद प्रताप सिंह बाजवा ने खुद को पार्टी का वफादार बताया। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी ने आज पंजाब के पांच सीनियर कांग्रेस नेताओं को बुलाया था। मैंने उनके सामने अपना नजरिया रख दिया है। अब वे जो भी फैसला लेंगे, हम उसका पूरा सपोर्ट करेंगे। हम कांग्रेस के समर्पित सिपाही हैं; वे हमें कोई पद दें या न दें, हम हमेशा राहुल जी और कांग्रेस के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे।"
पंजाब के नेताओं की यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब राज्य में पार्टी लीडरशिप के बदलने की अफवाहें जोरों पर हैं। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने हाल ही में अजय माकन, मीनाक्षी नटराजन और भटनलाल जाटव को पंजाब का ऑब्जर्वर नियुक्त किया है।
पिछले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा था और उसकी सीटें घटकर सिर्फ 18 रह गई थीं, जबकि आम आदमी पार्टी ने 92 सीटें जीतकर एकतरफा सरकार बनाई थी। अब कांग्रेस आगामी चुनावों में अपने 2017 वाले प्रदर्शन को दोहराने की कोशिश में जुटी है, जब उसने 77 सीटें जीतकर पंजाब की सत्ता हासिल की थी।
पिछले चुनाव के मुकाबले इस बार पंजाब का राजनीतिक माहौल काफी बदल चुका है। कांग्रेस के पास राज्य में कई बड़े और मजबूत चेहरे हैं। वहीं, दूसरी तरफ चर्चा है कि बीजेपी इस बार अकेले चुनाव लड़ सकती है। इसके अलावा, राघव चड्ढा और उनके कई साथियों के बीजेपी में शामिल होने के बावजूद, आम आदमी पार्टी अपनी सत्ता बचाने और पंजाब में वापसी करने के लिए पूरा जोर लगा रही है।