By अभिनय आकाश | Feb 18, 2025
तेजस एयरक्रॉफ्ट के इंजन को लेकर एक बहुत ही बड़ी खबर सामने आ रही है। अब भारत अपने तेजस इंजन को लेकर रूस से भी बात करना शुरू कर दिया है। फरवरी 2021 में भारतीय वायुसेना ने 83 तेजस लड़ाकू विमानों के लिए हल के साथ 48,000 करोड़ रुपये के सौदे पर हस्ताक्षर किए। पहला विमान 31 मार्च, 2024 तक वितरित होने की उम्मीद थी। हालाँकि, कई कारकों के कारण ये टाइमलाइन फेल हो गई। इसके पीछे की वजह GE एयरोस्पेस द्वारा समय पर F404 इंजनों की आपूर्ति करने में विफलता और प्रमुख प्रमाणपत्रों में देरी शामिल है। अमेरिका की तरफ से इसके इंजन की डिलीवरी में देरी की जा रही है। अभी भी अमेरिका ने तेजस के इंजन सप्लाई को लेकर कोई भी टाइमलाइन भारत सरकार को नहीं दी है। यही वजह है कि अब भारत ने रूस को अप्रोच किया है।
तेजस जेट्स का इस्तेमाल भारतीय वायुसेना नहीं कर पा रही थी। अब भारत ने रूस की तरफ रुख किया है। रक्षा क्षेत्र में रूस भारत का भरोसेपंद और सबसे पुराना साथी माना जाता है। बेंगलुरु के एयरो इंडिया शो में रूस की जानी मानी कंपनी यूनाइटेड इंजन कॉरपोरेशन के द्वारा एक इंजन 177 एस को डिसप्ले किया गया था। इस इंजन को तेजस में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। कहा गया कि अगर इस इंजन की थ्रस्ट को बढ़ा दें तो इसके इंजन को एएमसीए के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है। यानी इसी इंजन को रूस ने भारत के एएमसीए प्रोग्राम के लिए भी ऑफर किया है।
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