By अंकित सिंह | Jan 16, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत मंडपम में राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस और स्टार्टअप इंडिया के 10 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रदर्शनी का निरीक्षण किया। इस दौरान अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि नेशनल स्टार्टअप डे का ये अवसर, स्टार्टअप फाउंडर्स और इनोवेटर्स का ये समूह, मैं अपने सामने नए और विकसित होते भारत का भविष्य देख रहा हूं। उन्होंने कहा कि पहले स्टार्टअप को अक्सर असफलता का रास्ता माना जाता था। आज हम विज्ञान भवन में होने वाली सभाओं से आगे बढ़कर भारत मंडपम में खचाखच भरे हॉल तक पहुँच चुके हैं। मुझे खुद को भाग्यशाली मानता हूँ कि मुझे एक ही सप्ताह में दूसरी बार युवाओं से बातचीत करने का अवसर मिला है।
नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज से 10 साल पहले, विज्ञान भवन में 500–700 नौजवानों के बीच इस कार्यक्रम की शुरुआत की थी। उस समय स्टार्टअप की दुनिया में जो नए-नए लोग आ रहे थे, उनके अनुभव मैं सुन रहा था और मुझे याद है एक बेटी, जो कॉरपोरेट वर्ल्ड से अपनी नौकरी छोड़कर स्टार्टअप की तरफ जा रही थी। नौकरी छोड़कर वो कोलकाता अपनी मां से मिलने गई और मां से कहा कि मैंने नौकरी छोड़ दी है और मैं स्टार्ट करना चाहती हूं। फिर उसकी मां ने कहा, सर्वनाश… तुम बर्बादी की राह पर क्यों जा रही हो! स्टार्टअप को लेकर ये सोच हमारे देश में थी और आज हम कहां से कहां पहुंच गए, विज्ञान भवन से भारत मंडपम तक, जहां जगह नहीं है।
मोदी ने कहा कि हमारे यंग इनोवेटर्स, जिन्होंने नए सपने देखने का साहस दिखाया, मैं उन सभी की बहुत-बहुत सराहना करता हूं। आज हम स्टार्टअप इंडिया के 10 साल पूरे होने का माइलस्टोन सेलिब्रेट कर रहे हैं। 10 साल की ये जर्नी सिर्फ एक सरकारी योजना के सफल होने की कहानी नहीं है, ये आप जैसे हजारों-लाखों सपनों की जर्नी है। ये कितने ही सपनों के साकार होने की यात्रा है। उन्होंने कहा कि आप याद कीजिए, 10 साल पहले हालत क्या थे... इंडिविजुअल एफर्ट और इनोवेशन के लिए गुंजाइश ही नहीं थी। हमने उन परिस्थितियों को चैलेंज किया, हमने स्टार्टअप इंडिया लॉन्च किया और हमने युवाओं को खुला आसमान दिया, और आज नतीजा हमारे सामने है।
नरेंद्र मोदी ने कहा कि सिर्फ 10 साल में स्टार्टअप इंडिया मिशन क्रांति बन चुका है। भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है। उन्होंने कहा कि भारतीय युवा, वास्तविक समस्याओं के समाधान पर ध्यान दे रहे हैं, स्टार्टअप इंडिया मिशन एक क्रांति बन गया है। उन्होंने कहा कि 10 साल पहले, देश में 500 से भी कम स्टार्टअप थे, आज ये संख्या बढ़कर दो लाख से ज्यादा हो गई है। 2014 में भारत में सिर्फ 4 यूनिकॉर्न थे, आज भारत में करीब सवा सौ सक्रिय यूनिकॉर्न हैं। दुनिया भी आज इस सक्सेस स्टोरी को हैरानी से देख रही है। आने वाले समय में जब भारत की सक्सेस स्टोरी की बात होगी, तब यहां बैठे कितने ही युवा खुद में एक ब्राइट केस स्टडी बनने वाले हैं।