चुनौतियों को चुनौती देने का हमने कोई मौका नहीं छोड़ा: प्रधानमंत्री मोदी

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Dec 25, 2019

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संशोधित नागरिकता कानून, रामजन्मभूमि मामला और अनुच्छेद 370 का जिक्र करते हुए बुधवार को कहा कि उनकी सरकार विरासत में मिली सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक समस्याओं के समाधान का निरन्तर प्रयास कर रही है और उसने  चुनौतियों को चुनौती  देने का कोई मौका नहीं छोड़ा है। प्रधानमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन के मौके पर यहां आयोजित कार्यक्रम में कहा,  हमें विरासत में जो भी सामाजिक, आर्थिक तथा राजनीतिक समस्याएं और चुनौतियां मिली हैं, उनके समाधान की हम निरन्तर कोशिश कर रहे हैं।  उन्होंने कहा,  अनुच्छेद 370 कितनी पुरानी बीमारी थी। कितनी कठिन लगती थी, मगर हमारा दायित्व था कि हम ऐसी कठिन चुनौतियों से पार पायें और यह आराम से हुआ... सबकी धारणाएं चूर—चूर हो गयीं। राम जन्मभूमि के इतने पुराने मामले का शांतिपूर्ण समाधान हुआ। मोदी ने कहा कि विभाजन के बाद लाखों गरीब लोग अपनी बेटियों की इज्जत बचाने के लिये पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत की तरफ आने को मजबूर हो गये। उन्हें नागरिकता देने का रास्ता साफ किया गया। ऐसी अनेक समस्याओं का हल देश के 130 करोड़ भारतीयों ने निकाला है। उन्होंने कहा कि अभी जो चुनौतियां बाकी हैं, उनके समाधान के लिये भी पूरे सामर्थ्य से साथ हर भारतवासी प्रयास कर रहा है। चाहे हर गरीब को घर देना हो या फिर हर घर जल पहुंचाना हो। कितनी भी बड़ी चुनौती हो, हम चुनौती को चुनौती देने के स्वभाव के साथ निकले हैं।

की जरुरत ना पड़े, बल्कि सरकार खुद आकर आपसे पूछे कि कहीं कोई तकलीफ तो नहीं है। 

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मोदी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी कहते थे कि जीवन को टुकड़ों में नहीं बल्कि समग्रता में देखना होगा। यह बात सरकार के लिये भी उतनी ही सत्य है और सुशासन के लिये भी यही उपयुक्त मानदंड है। सुशासन भी तब तक सम्भव नहीं, जब तक हम समस्याओं को सम्पूर्ण, समग्रता में न सोचेंगे और न सुलझाने का प्रयास करेंगे। मुझे संतोष है कि योगी सरकार भी समग्रता की इस सोच को साकार करने का भरसक प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि अटल मेडिकल यूनीवर्सिटी उसी सोच को दिखाती है। यह विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश में मेडिकल की पढ़ाई को समग्रता और सम्पूर्णता देगी। साथ ही पाठ्यक्रम से लेकर परीक्षा तक इसमें एकसूत्रत्ता, एकरूपता और स्वाभाविक एकात्म भाव होगा। यह विश्वविद्यालय मेडिकल, डेंटल, पैरामेडिकल, नर्सिंग और चिकित्सा से जुड़ी हर डिग्री को आगे बढ़ायेगा। इससे यूपी में मेडिकल की पढ़ाई की गुणवत्ता में और सुधार होगा।इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया।

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