हम चाहते हैं अफस्पा हटे, परंतु केंद्र की सहमति से, राष्ट्र सुरक्षा शीर्ष प्राथमिकता: एन. बिरेन सिंह

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 24, 2022

नयी दिल्ली। मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बिरेन सिंह ने रविवार को कहा कि उनके राज्य के लोग और वह खुद भी चाहते हैं कि सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम (अफस्पा) हटा दिया जाए, लेकिन ऐसा केवल केंद्र की सहमति से किया जाना चाहिए, क्योंकि राष्ट्रीय सुरक्षा उनकी शीर्ष प्राथमिकता है। सिंह ने यहां पीटीआई-के साथ एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘मेरा मानना है कि अफस्पा को केंद्र की सहमति से क्रमिक रूप से हटाया जा सकता है। लेकिन, हमें अवश्य याद रखना चाहिए कि म्यांमा में राजनीतिक स्थिरता नहीं है और हमारे देश की सीमा उसके साथ लगी हुई है।’’ मणिपुर में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।

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अफस्पा हटाने की मांग को लेकर राज्य में कई आंदोलन हुए हैं। मणिपुर की इरोम शर्मिला का अनशन भी इसका एक मुख्य उदाहरण है, जो देश में सबसे लंबे समय तक चला था। अफस्पा हटाना, एक महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है और पड़ोसी राज्य नगालैंड में हाल में सैन्य कर्मियों की गोलीबारी में 14 आम लोगों के मारे जाने को लेकर एक बार फिर यह प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बन सकता है। सिंह ने कहा, ‘‘हम एक सीमावर्ती राज्य हैं और म्यांमा के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करते हैं। मुझे राष्ट्रहित को भी देखना होगा। लेकिन एक मणिपुरी होने और मणिपुर का मुख्यमंत्री होने के नाते, मैं चाहता हूं कि अफस्पा हटा लिया जाए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन साथ ही, जमीनी हकीकत का आकलन किये बगैर ऐसा करना संभव नहीं है। केंद्र सरकार से परामर्श किये बगैर, यह संभव नहीं है।’’ सिंह ने कहा, ‘‘मेरे सहित मणिपुर के लोग चाहते हैं कि अफस्पा को हटा दिया जाए लेकिन केंद्र सरकार की परस्पर सहमति के बाद, क्योंकि राष्ट्र की सुरक्षा हमारे लिए पहली प्राथमिकता है।’’ सिंह ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में कोई बड़ी अप्रिय घटना नहीं हुई है और उग्रवाद 90 प्रतिशत तक कम हो गया है। उन्होंने कहा, ‘‘मणिपुर सरकार म्यांमा में रह रहे मणिपुरी उग्रवादियों के साथ सार्थक वार्ता करने की भी कोशिश कर रही है।’’

कानून और व्यवस्था और अफस्पा को खत्म करने की लंबे समय से चली आ रही मांग के अलावा,राज्य का आर्थिक बदहाली के मुद्दे के चुनाव प्रचार के दौरान दो मुख्य दलों, भाजपा और कांग्रेस के एजेंडे में रहने की उम्मीद है। वहीं नेशनल पीपुल्स पार्टी और नगा पीपुल्स फ्रंट जैसे छोटे स्थानीय दलों की अपनी मांगें हैं। चुनाव की घोषणा से कुछ दिन पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंफाल का दौरा किया था और लगभग 1,850 करोड़ रुपये की 13 परियोजनाओं का उद्घाटन किया था, इसके अलावा 2,950 करोड़ रुपये की नौ परियोजनाओं की आधारशिला रखी थी।

पूर्व फुटबॉलर और पत्रकार सिंह ने पहली बार 2002 में डेमोक्रेटिक रिवोल्यूशनरी पीपुल्स पार्टी के उम्मीदवार के रूप में विधानसभा चुनाव जीता था और 2007 में कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में इस सीट को बरकरार रखा था। उन्होंने 2016 में कांग्रेस छोड़ दी और भाजपा में शामिल हो गए थे। वह 2017 में अपनी हिंगांग विधानसभा सीट से फिर से चुने गए थे। 61 वर्षीय सिंह के फिर से उसी सीट से चुनाव लड़ने की संभावना है।

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