By अंकित सिंह | Jul 02, 2025
कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा कि अगर कांग्रेस केंद्र में सत्ता में लौटती है, तो वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर प्रतिबंध लगा देगी। खड़गे ने कहा कि अगर कांग्रेस फिर से केंद्र में सत्ता में आती है, तो हम आरएसएस पर प्रतिबंध लगा देंगे। उन्होंने तर्क दिया कि आरएसएस समाज में नफरत फैलाता है और कानून के दायरे में काम नहीं करता है। खड़गे ने अपने रुख का बचाव करने के लिए ऐतिहासिक उदाहरणों का हवाला देते हुए कहा कि क्या सरदार पटेल ने आरएसएस पर प्रतिबंध नहीं लगाया था? वे उनके पैरों पर गिर गए और आश्वासन दिया कि वे देश के कानून का पालन करेंगे। क्या इंदिरा गांधी ने आरएसएस पर प्रतिबंध नहीं लगाया था? उन्होंने फिर से वही किया।
भाजपा नेताओं ने खड़गे पर ऐतिहासिक रूप से अज्ञानी और राजनीतिक रूप से भड़काऊ बयान देने का आरोप लगाया, चेतावनी दी कि इस तरह की बयानबाजी कांग्रेस पर उलटा असर डाल सकती है, जैसा कि एक बार इंदिरा गांधी के शासनकाल में हुआ था। पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस को अतीत में आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने के प्रयास के परिणामों की याद दिलाई। उन्होंने कहा, "जब इंदिरा गांधी ने आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने की कोशिश की, तो यह उल्टा पड़ गया। उन्हें सत्ता से हाथ धोना पड़ा। आज, आरएसएस दुनिया के सबसे बड़े राष्ट्रवादी संगठनों में से एक है।"
प्रियांक खड़गे की राजनीतिक वंशावली पर कटाक्ष करते हुए प्रसाद ने कहा, "कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के बेटे के बारे में कोई क्या कह सकता है? उन्हें कम से कम अपनी स्थिति को समझते हुए बोलना चाहिए।" इसी तरह की भावनाओं को दोहराते हुए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने खड़गे पर बिना सीखे इतिहास को दोहराने का आरोप लगाया। सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा, "हां, इंदिरा गांधी ने एक बार आरएसएस पर प्रतिबंध लगाया था और हम सभी ने उनका राजनीतिक पतन देखा था। अब उनका (कांग्रेस का) भी यही हश्र होगा।"