तेल तो रूस से ही खरीदेंगे हम, NATO को भारत ने दे दी सीधी चेतावनी

By अभिनय आकाश | Jul 29, 2025

रूस और यूक्रेन के बीच की जंग को तीन साल गुजर चुके हैं। लेकिन अभी भी शांति की बातें बेमानी लगने लगी है। भले ही खुद को दुनिया के सबसे पावरफुल शख्सियत समझने का भ्रम पालने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप गुजारिश के बाद धमकी देते नजर आ रहे हो। शांति वार्ता के लिए रोज नई नई डेडलाइन  तय कर रहे हो। लेकिन रूस तो जैसे अमेरिका की हर धमकी को यूक्रेन पर बम बरसा धुएं में उड़ाता जा रहा है। जब बात इतने पर भी नहीं बनी तो ट्रंप की भाषा बोलने वाले नाटो चीफ की तरफ से रूस के सहयोगियों पर दबाव डालने की कोशिश भी की गई। जिसमें पश्चिमी देशों के निशाने पर भारत भी आ गया। भारत को भी डराने और रूस को समझौते के लिए मनाने का दबाव बयानबाजी के जरिए डाला गया। नाटो चीफ को विदेश मंत्रालय ने तगड़ा जवाब दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत की ऊर्जा जरूरतें सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। विदेश मंत्रालय ने साफ कहा कि हम किसी भी दोहरे मापदंड को लेकर सावधान हैं। 

इसे भी पढ़ें: Russian Plane Crash: एक और ब ड़ा प्लेन हादसा, 50 यात्रियों को लेकर उड़ा रूसी विमान घने जंगलों में हुआ क्रैश

दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक, भारत पारंपरिक रूप से मध्य पूर्व से तेल प्राप्त करता था, लेकिन जब रूस ने वैकल्पिक खरीदारों को आकर्षित करने के लिए भारी छूट देना शुरू किया, तो उसने बड़ी मात्रा में तेल का आयात शुरू कर दिया। मास्को ने यह कदम फरवरी 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण को लेकर विभिन्न पश्चिमी देशों द्वारा प्रतिबंधों का सामना करने के बाद उठाया है। रूस और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ भारत की निकटता के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि नई दिल्ली के संबंध कई मानदंडों पर आधारित हैं। भारतीय उच्चायुक्त ने कहा कि इनमें से एक हमारा दीर्घकालिक सुरक्षा संबंध है, जो उस युग से चला आ रहा है जब हमारे कुछ पश्चिमी साझेदार हमें हथियार नहीं बेचते थे, बल्कि उन्हें हमारे पड़ोस के देशों को बेचते थे, जो उनका इस्तेमाल केवल हम पर हमला करने के लिए करते थे। 

इसे भी पढ़ें: Russian Plane Off Radar: चीन की सरहद के पास लापता हुआ रूस का प्लेन, घंटेभर तलाश के बाद मिला मलबा

दोहराईस्वामी ने स्पष्ट कहा है कि ये भारत और रूस के बीच का कोई नया रोमांस नहीं है। ये भारत की पुरानी दोस्ती है। जिस वक्त पश्चिमी देशों ने भारत को हथियार नहीं दिए थे तो उस वक्त रूस आगे आया था। भारत इस दोस्ती को कभी नहीं भूलेगा और इसी दोस्ती को आधार बनाकर दुनियाभर के देश जब भारत को खोखली धमकी देने की कोशिश करते हैं तो भारत फिर इसी तरह से जवाब देता है। चाहे वो फिर भारत के विदेश मंत्री हो या व्यापार मंत्री, भारत ने अपना पक्ष खुलकर और साफ रखा है।  

प्रमुख खबरें

Attica Gold पर ED का एक्शन, चोरी का सोना खरीदने के आरोप में 16 ठिकानों पर तलाशी

विपक्ष की आलोचनाओं से नहीं पड़ता फर्क, DMK पर सवाल जारी रहेंगे: Vijay

Badrinath में संगीत कार्यक्रम पर Murli Manohar Joshi ने जताई आपत्ति, रोक लगाने की मांग

UNGA में Shehbaz Sharif ने अलापा कश्मीर राग, Donald Trump के हस्तक्षेप का किया दावा