By अभिनय आकाश | Sep 09, 2026
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। प्रधानमंत्री तारिक रहमान की सरकार ने भारत से शेख हसीना के प्रत्पण की मांग दोहराते हुए साफ कर दिया है कि ढाका अब उनके खुद लौटने का इंतजार नहीं करना चाहता। बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के सूचना एवं प्रसारण सलाहकार डॉ. जाहिद उर रहमान ने कहा कि सरकार कानूनी प्रक्रिया के जरिए हसीना को भारत से वापस लाना चाहती है। उन्होंने यह भी कहा कि हसीना को वापस भेजना भारत बांग्लादेश संबंधों को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम होगा। ढाका में मंगलवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में जाहिद उर रहमान ने उन अटकलों को खारिज कर दिया कि प्रत्यार्पण की मांग सिर्फ भारत पर दबाव बनाने की रणनीति है। उन्होंने कहा कि सरकार का मकसद स्पष्ट है शेख हसीना को वापस लाकर बांग्लादेश की कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाना।
भारत सरकार ने जुलाई और अगस्त 2026 में कहा था कि शेख हसीना के प्रत्यार्पण का बांग्लादेशी अनुरोध सक्षम अधिकारियों द्वारा तय कानूनी प्रक्रिया के तहत जांचा जा रहा है। यानी अभी भारत ने उन्हें बांग्लादेश को सौंपने का कोई फैसला घोषित नहीं किया। इसी बीच जाहिद उ रहमान ने भारत में शेख हसीना को मीडिया से बातचीत करने की अनुमति दिए जाने पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्तों में सकारात्मक माहौल बनाए रखने के लिए भारत को हसीना के सार्वजनिक बयानों पर रोक लगाने के लिए कदम उठाने चाहिए। ढाका ने इस मुद्दे पर भारत के सामने अपना विरोध भी दर्ज कराया है। शेख हसीना का प्रत्यार्पण अब सिर्फ कानूनी मामला नहीं बल्कि भारत बांग्लादेश संबंधों का बड़ा कूटनीतिक मुद्दा भी बन गया है।