By अभिनय आकाश | Aug 10, 2026
पश्चिमी एशिया में तनाव लगातार गहराता जा रहा है। एक ओर इजराइल ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की ओर से पेश किए गए गाजा समझौते के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है तो दूसरी ओर होर्मुज स्टेट को लेकर ईरान और ओमान के बीच संभावित प्रबंधन व्यवस्था की खबरों ने नई रणनीतिक बहस छेड़ दी है। इसी बीच यमन में ईरान समर्थित हुती विद्रोहियों ने लाल सागर तट पर सरकार के नियंत्रण वाले एक बंदरगाह और सऊदी अरब की एक तेल सुविधा को निशाना बनाने का दावा किया है। इन घटनाओं ने पूरे मिडिल ईस्ट में सुरक्षा और स्थिरता को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने गाजा में युद्ध समाप्त करने, बंधकों की रिहाई सुनिश्चित करने और मानवीय सहायता को सुचारू रूप से पहुंचाने के उद्देश्य से एक प्रस्ताव रखा था। इस योजना के तहत चरणबद्ध तरीके से युद्ध विराम लागू करने और आगे स्थाई समाधान की दिशा में बातचीत करने का रास्ता खोलने की बात कही गई थी।
इसी बीच दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल होमोस स्ट्रेट को लेकर भी तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान और ओमान इस जलमार्ग के प्रबंधन को लेकर संभावित व्यवस्था पर विचार कर रहे हैं। तेहरान ने संकेत दिया है कि जिन जहाजों के संबंध उनके दुश्मन देशों से होंगे उन्हें हुरमज स्टेट से गुजरने की अनुमति नहीं दी जा सकती। होर्मुज से दुनिया की कुल तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में अगर इस मार्ग पर किसी भी तरह की रोक या फिर तनाव बढ़ता है तो इसका सीधा असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, तेल कीमतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ सकता है। एक और हॉर्मोस को लेकर मध्य पूर्व में तनाव गहराता जा रहा है। तो वहीं दूसरी ओर इजराइल ने भी स्पष्ट कर दिया है कि जब तक हमास पूरी तरह से हथियार नहीं डाल देता, जब तक हमास निशस्त्र नहीं हो जाता तब तक इजराइल अपनी सैनिक कारवाई गजा पर जारी रखेगा।