All-Party Meeting Highlight | पश्चिम एशिया संकट: सर्वदलीय बैठक में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस, पाकिस्तान को बताया 'दलाल राष्ट्र'

By रेनू तिवारी | Mar 25, 2026

पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी तनाव और युद्ध की स्थिति पर चर्चा करने के लिए बुधवार को संसद परिसर में बुलाई गई सर्वदलीय बैठक हंगामेदार रही। एक ओर जहाँ सरकार ने भारत के रुख को स्पष्ट करते हुए पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला, वहीं दूसरी ओर विपक्ष ने सरकार की विदेश नीति को 'असंतोषजनक' करार दिया।

बैठक में सरकार की ओर से जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर हुई बातचीत में पश्चिम एशिया के युद्ध को तुरंत समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि इस युद्ध से वैश्विक अर्थव्यवस्था और मानवता को नुकसान हो रहा है, इसलिए इसे जल्द खत्म होना चाहिए।

पाकिस्तान पर 'दलाल राष्ट्र' का तंज

बैठक का सबसे चर्चित हिस्सा वह रहा जब सरकार ने पाकिस्तान के मध्यस्थता प्रयासों को सिरे से खारिज कर दिया। सूत्रों के मुताबिक, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि पाकिस्तान का अमेरिका द्वारा 1981 से केवल "इस्तेमाल" किया जा रहा है। पाकिस्तान को "दलाल राष्ट्र" करार देते हुए सरकार ने कहा: "हम दलाल राष्ट्र नहीं हैं। हमारे प्रयास ठोस और स्वतंत्र हैं।" यह बयान विपक्ष के उस आरोप के जवाब में आया जिसमें कहा गया था कि पाकिस्तान जैसा 'कमजोर' देश मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है जबकि भारत मूकदर्शक बना हुआ है।

सूत्रों के अनुसार, सरकार ने विपक्ष के इस आरोप का खंडन किया कि भारत सरकार इस मामले पर चुप है और कहा कि ‘‘हम टिप्पणी कर रहे हैं और जवाब दे रहे हैं।’’ सरकार का पक्ष था कि जब ईरान दूतावास खोला गया, तो विदेश सचिव ने तुरंत वहां दौरा किया और शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए। विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने पर जल्द शोक व्यक्त न करके नैतिक कमजोरी दिखाई है।

बताया जाता है कि सरकार ने राजनीतिक दलों को यह भी सूचित किया है कि उसकी मुख्य चिंता खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और घरेलू ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना है। उस संबंध में सरकार ने कहा कि वह अब तक सफल रही है। पश्चिम एशिया संकट पर सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के बाद विपक्ष ने कहा कि इस मामले से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सरकार का जवाब संतोषजनक नहीं था। उन्होंने यह मांग फिर दोहराई कि लोकसभा में नियम 193 और राज्यसभा में नियम 176 के तहत पश्चिम एशिया संकट को लेकर चर्चा होनी चाहिए। सर्वदलीय बैठक के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तारिक अनवर ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘सरकार की ओर से स्पष्टीकरण देने की कोशिश हुई जो संतोषजनक नहीं है।

हम लोगों की मांग है कि लोकसभा और राज्यसभा में चर्चा होनी चाहिए, उसके बाद लोगों को संतुष्टि होगी।’’ उनका कहना था कि बहुत सारे मुद्दे थे, जिन पर सरकार का जवाब संतोषजनक नहीं था। उन्होंने यह भी कहा, ‘‘पाकिस्तान जो हमसे हर तरह से कमजोर है, वो मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और हम मूकदर्शक बने हुए हैं।’’ समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि लोकसभा में नियम 193 और राज्यसभा में नियम 176 के तहत चर्चा जरूरी है।

उन्होंने दावा किया कि विपक्ष की ओर से किए गए बहुत सारे सवालों का जवाब संतोषजनक नहीं था। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने बुधवार को कहा कि सर्वदलीय बैठक में विपक्ष को पश्चिम एशिया संकट के विषय पर पर्याप्त जानकारी दी गई और विपक्षी नेताओं ने भी विश्वास दिलाया कि संकट की इस घड़ी में वो सरकार द्वारा उठाए जाने वाले कदमों का समर्थन करेंगे। रीजीजू ने कहा कि आज की बैठक में विस्तृत जानकारी दिए जाने के बाद फिलहाल विपक्ष को और जानकारी मांगने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

संसद भवन परिसर में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में सरकार की तरफ से गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू शामिल हुए। विपक्ष की तरफ से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तारिक अनवर एवं मुकुल वासनिक, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शप) की नेता सुप्रिया सुले, समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव, राजद के अभय सिन्हा और कई अन्य नेता शामिल हुए। तृणमूल कांग्रेस इस बैठक में शामिल नहीं हुई।

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