US-Iran Tension के बीच फिर दहला West Asia, $100 के पार पहुंची Crude Oil की कीमतें

By Ankit Jaiswal | Sep 02, 2026

पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच फिर शुरू हुए सीधे हमलों ने दुनिया के ऊर्जा बाजार की चिंता बढ़ा दी है। होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते तनाव के कारण क्षेत्रीय तेल कीमतें एक बार फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई हैं। इससे यह आशंका गहरा रही है कि संघर्ष लंबा खिंचा तो तेल आपूर्ति के साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी बड़ा दबाव पड़ सकता है।

मंगलवार को सऊदी तेल लेकर जा रहे दो बड़े टैंकर सिद्र और सेनेगल प्रॉस्पेरिटी पर होर्मुज से निकलते समय प्रक्षेप्य से हमला हुआ। यह घटना ऐसे समय हुई जब अरामको ने अगस्त में खाड़ी से तेल लदान बढ़ाकर करीब सात लाख बैरल प्रतिदिन कर दिया था। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट तेल करीब 92 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जबकि पश्चिम एशिया के कुछ प्रमुख तेल मानक 100 डॉलर से ऊपर पहुंच गए।

तेल की बढ़ती कीमतों के बीच एक और चिंता वैश्विक बांड बाजार से जुड़ी है। प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में दीर्घकालिक बांड पर ब्याज दरें 2008 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई हैं। अमेरिकी केंद्रीय बैंक के नए प्रमुख केविन वॉल्श द्वारा महंगाई पर कड़ा रुख अपनाने के संकेत के बाद दस वर्षीय अमेरिकी सरकारी बांड की दर 4.76 प्रतिशत तक पहुंच गई। जापान में यह दर 3 प्रतिशत से ऊपर और 30 साल के उच्च स्तर पर पहुंची, जबकि ब्रिटेन में दस वर्षीय बांड की दर 5.2 प्रतिशत तक चली गई।

गौरतलब है कि महंगा कर्ज अर्थव्यवस्था में मांग को कमजोर कर सकता है। वाहन खरीद, हवाई यात्रा, निर्माण, कारखानों और माल ढुलाई पर इसका असर पड़ सकता है। वहीं तेल निकालने, पाइपलाइन बनाने और नई परियोजनाओं की लागत भी बढ़ती है। बाजार में इस महीने अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत बढ़ोतरी की करीब 60 प्रतिशत संभावना मानी जा रही है।

इस बीच ऊर्जा क्षेत्र में कई बड़े सौदे भी हुए हैं। वनओक ने ब्राजोस मिडस्ट्रीम की पश्चिम टेक्सास स्थित प्राकृतिक गैस परिसंपत्तियां 4.4 अरब डॉलर में खरीदी हैं। शेल और शेवरॉन ने घाना के साउथ डीपवाटर टानो तेल क्षेत्र में प्रवेश के लिए प्रारंभिक समझौता किया है। इक्विनोर और स्टैंडर्ड लिथियम ने अर्कांसस की लिथियम परियोजना के लिए एलजी एनर्जी सॉल्यूशन के साथ दूसरा बाध्यकारी खरीद समझौता किया है।

मौजूद जानकारी के अनुसार एनर्जियन मिस्र में बीपी की कुछ तेल परिसंपत्तियां करीब एक अरब डॉलर में खरीदने के लिए बातचीत कर रही है, जबकि डीएनओ करीब 40 करोड़ डॉलर में कैप्रिकॉर्न एनर्जी को खरीदने जा रही है। दूसरी ओर रूस ने प्रतिबंधों के बीच आर्कटिक एलएनजी-2 परियोजना के लिए इस्तेमाल होने वाले जहाजों का बेड़ा बढ़ाकर 20 कर दिया है।

चीन में सौर ऊर्जा की स्थापित क्षमता पहली बार कोयले से आगे निकल गई है। वहीं जस्ता की कीमत चार साल के उच्च स्तर पर पहुंची और चिली में खराब मौसम के कारण तांबे का उत्पादन 2011 के बाद जुलाई में सबसे निचले स्तर पर रहा है। इन घटनाओं से साफ है कि पश्चिम एशिया का संघर्ष अब केवल तेल तक सीमित नहीं है, बल्कि ऊर्जा, धातु, व्यापार और वैश्विक मांग पर भी असर डालने वाला है।

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