By Ankit Jaiswal | Jul 26, 2026
इस सप्ताह भारतीय शेयर बाजार के लिए कई अहम घटनाक्रम निवेशकों की नजर में रहेंगे। घरेलू और वैश्विक दोनों स्तर पर आने वाली खबरें बाजार की चाल तय कर सकती हैं। खास तौर पर पश्चिम एशिया में जारी तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, अमेरिकी केंद्रीय बैंक की बैठक और देश की प्रमुख कंपनियों के तिमाही नतीजे निवेशकों के फैसलों को प्रभावित कर सकते हैं।
मौजूद जानकारी के अनुसार बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान से जुड़े घटनाक्रम पर निवेशकों की सबसे अधिक नजर रहेगी। यदि क्षेत्र में तनाव बढ़ता है तो इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ सकता है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है, इसलिए तेल की कीमतों में तेजी का असर महंगाई, व्यापार और शेयर बाजार पर भी देखने को मिल सकता है।
बता दें कि समुद्री व्यापार के लिए महत्वपूर्ण होर्मुज़ स्ट्रेट की गतिविधियां भी इस सप्ताह निवेशकों के लिए अहम रहेंगी। यदि इस मार्ग से तेल आपूर्ति प्रभावित होती है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में और तेजी आ सकती है। इससे वैश्विक निवेशकों का जोखिम उठाने का रुझान भी प्रभावित हो सकता है।
गौरतलब है कि इस सप्ताह अमेरिकी केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक भी होने वाली है।
बाजार की आम धारणा है कि इस बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। हालांकि निवेशकों की असली नजर केंद्रीय बैंक की भविष्य की नीति, महंगाई पर उसके आकलन और आर्थिक वृद्धि को लेकर दिए जाने वाले संकेतों पर रहेगी। यदि महंगाई को लेकर सख्त रुख अपनाया जाता है तो इसका असर दुनिया भर के वित्तीय बाजारों पर पड़ सकता है।
घरेलू मोर्चे पर भी कई महत्वपूर्ण घटनाएं बाजार को दिशा देंगी। मौजूद जानकारी के अनुसार जून महीने के औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े जारी होने वाले हैं। इन आंकड़ों से देश की उत्पादन गतिविधियों और आर्थिक स्थिति का संकेत मिलेगा। यदि आंकड़े उम्मीद से बेहतर आते हैं तो इससे बाजार को समर्थन मिल सकता है।
इस सप्ताह कई बड़ी सूचीबद्ध कंपनियां भी अपने अप्रैल से जून तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी करेंगी। इनमें कोल इंडिया, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, लार्सन एंड टुब्रो, हिंदुस्तान यूनिलीवर, अदाणी एंटरप्राइजेज, एशियन पेंट्स, अदाणी पोर्ट्स, बजाज फाइनेंस, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा स्टील, मारुति सुजुकी, आईटीसी और सन फार्मा जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल हैं।
इन कंपनियों के नतीजों का असर उनके शेयरों के साथ-साथ पूरे बाजार की धारणा पर भी पड़ सकता है।
आने वाले दिनों में बाजार की चाल काफी हद तक वैश्विक हालात, अमेरिकी केंद्रीय बैंक के संकेतों और कंपनियों के वित्तीय प्रदर्शन पर निर्भर करेगी। निवेशक फिलहाल हर बड़े घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।