West Asia टेंशन से Stock Market में कोहराम, Sensex 1100 अंक लुढ़का, निवेशकों में हड़कंप

By Ankit Jaiswal | Mar 06, 2026

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक बाजारों के साथ-साथ भारत के शेयर बाजार पर भी साफ दिखाई देने लगा है। शुक्रवार को कारोबार के दौरान निवेशकों की सतर्कता के बीच भारतीय बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई है। मौजूद जानकारी के अनुसार ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते टकराव और खाड़ी क्षेत्र में अस्थिर हालात ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।

गौरतलब है कि वैश्विक बाजारों में भी कमजोरी का माहौल बना हुआ है। मौजूद जानकारी के अनुसार अमेरिका के प्रमुख शेयर सूचकांकों में भी गिरावट दर्ज की गई है। अमेरिकी बाजार में औद्योगिक सूचकांक लगभग 785 अंक गिरा, जबकि अन्य प्रमुख सूचकांकों में भी गिरावट देखने को मिली है। इसी का असर एशियाई बाजारों पर भी पड़ा है और क्षेत्रीय शेयर बाजारों में भी कमजोरी का रुख दिखाई दिया है।

बता दें कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत 85 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है, जबकि अमेरिकी कच्चे तेल की कीमत भी 81 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंचने की खबर है।

मौजूद जानकारी के अनुसार होरमुज़ जलडमरूमध्य के आसपास समुद्री परिवहन प्रभावित होने की खबरों ने भी बाजार की चिंता बढ़ा दी है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के तेल और गैस आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा संभालता है, इसलिए वहां किसी भी तरह की बाधा का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

इसी बीच भारतीय रुपया भी दबाव में नजर आया है। बताया जा रहा है कि रुपये को स्थिर रखने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक को इस सप्ताह लगभग 12 अरब डॉलर तक बाजार में हस्तक्षेप करना पड़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पश्चिम एशिया का तनाव लंबा खिंचता है तो भारतीय मुद्रा और बाजार दोनों पर दबाव बना रह सकता है।

बाजार में विभिन्न क्षेत्रों के प्रदर्शन की बात करें तो रियल एस्टेट क्षेत्र सबसे कमजोर रहा है और इसमें लगभग दो प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है। वहीं कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट देखने को मिली है, जिनमें इंडिगो, आईसीआईसीआई बैंक और लार्सन एंड टुब्रो जैसे बड़े नाम शामिल बताए जा रहे हैं।

हालांकि बाजार की कमजोरी के बीच कुछ क्षेत्रों में तेजी भी देखने को मिली है। मौजूद जानकारी के अनुसार रक्षा क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है और इनमें लगभग नौ प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई है। इसके अलावा कुछ सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों और निजी कंपनियों के शेयर भी चर्चा में रहे हैं।

गौरतलब है कि बाजार में अस्थिरता का स्तर भी बढ़ गया है। राष्ट्रीय शेयर बाजार का अस्थिरता सूचकांक दिन के कारोबार में आठ प्रतिशत से अधिक बढ़ गया है, जो निवेशकों की बढ़ती चिंता को दर्शाता है।

उधर सरकार भी हालात पर नजर बनाए हुए है। जानकारी के मुताबिक केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने जहाजरानी मंत्रालय और संबंधित कंपनियों के साथ बैठक कर पश्चिम एशिया में तनाव के कारण फंसे माल को निकालने के उपायों पर चर्चा की।

कुल मिलाकर विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक पश्चिम एशिया का संघर्ष कम नहीं होता, तब तक वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है और इसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखाई देता रहेगा।

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