By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Jul 30, 2026
कोलकाता, 30 जुलाई पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में पुलिस ने फरार पत्थर व्यापारी टुल्लू मंडल के प्रबंधक और करीबी रिश्तेदार को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि इससे पहले पुलिस ने जिले में रात भर चलाये गए एक तलाशी अभियान के दौरान मंडल के घर से 28.5 करोड़ रुपये नकद और 15 किलोग्राम सोना जब्त किया।
परिसर के बाहर केंद्रीय बलों को तैनात किया गया है, जबकि पुलिसकर्मियों का एक दल मकान के अंदर प्रवेश करता दिखा। मई में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही टुल्लू फरार है। बुधवार शाम तक मीनार मंडल के आवास से 20 करोड़ रुपये बरामद किए जा चुके थे।
पुलिस के अनुसार, देउचा गांव स्थित मीनार के दो मंजिला मकान से एक-एक किलोग्राम वजन की सोने की 14 छड़ें और 100-100 ग्राम के सोने के 10 बिस्कुट बरामद किए गए हैं। मौजूदा बाजार मूल्य के हिसाब से इस सोने की कीमत लगभग 21.5 करोड़ रुपये आंकी गई है। बुधवार को हुई छापेमारी के दौरान मीनार को उसके बेटे के साथ हिरासत में लिया गया था।
बृहस्पतिवार सुबह मीनार को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया और अब उसे स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस के मुताबिक, टुल्लू मंडल उर्फ मोहम्मद नजीबुद्दीन का बीरभूम में पत्थर खनन और कंक्रीट तैयार करने के कारोबार में अच्छा-खासा प्रभाव है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने उसे रेत माफिया करार दिया है।
इस बीच, गिरफ्तार मीनार मंडल की पत्नी ने संवाददाताओं से बातचीत में दावा किया कि उन्हें या उनके पति को उन बक्सों के बारे में कोई जानकारी नहीं थी, जिनसे नकदी और सोना बरामद हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि फरार व्यापारी टुल्लू मंडल ने कुछ साल पहले ये बक्से उनके घर में रखे थे और कहा था कि इनमें जरूरी कागजात हैं। महिला ने दावा किया कि बक्सों की चाबी टुल्लू के पास ही थी और उनके परिवार ने उन्हें कभी खोलकर नहीं देखा।
उन्होंने कहा, बुधवार को जब पुलिस ने बक्से खोले, तब हमें इस नकदी और सोने के बारे में पता चला। मेरे पति को कुछ नहीं मालूम था, फिर भी उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। महिला ने बरामद रकम को अपना मानने से साफ इनकार किया और कहा कि उनके पास कुछ नहीं है।
उन्होंने बताया कि मीनार द्वारा उत्तर बंगाल राज्य परिवहन निगम (एनबीएसटीसी) की नौकरी छोड़ने के बाद मिलने वाली मामूली सरकारी पेंशन से ही उनका गुजारा चल रहा है। मकान सील होने के बाद अब वह किसी रिश्तेदार के घर रहने जा रही हैं।