WFP ने गाजा और वेस्ट बैंक में 7 लाख फलस्तीनियों की खाद्य सहायता रोकी

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 20, 2026

संयुक्त राष्ट्र की खाद्य एजेंसी ने गंभीर वित्तीय संकट के कारण गाजा में पांच लाख और वेस्ट बैंक में दो लाख फलस्तीनियों को दी जाने वाली खाद्य सहायता में कटौती की है। एजेंसी के प्रमुख ने यह जानकारी दी। विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) के कार्यवाहक प्रमुख कार्ल स्काऊ ने सोमवार को अंतरराष्ट्रीय समुदाय से 45 करोड़ अमेरिकी डॉलर की सहायता देने की अपील की, ताकि एजेंसी खाद्य सहायता बहाल करने और अगले छह महीने तक गाजा तथा वेस्ट बैंक में गर्म भोजन एवं खाद्य पैकेट उपलब्ध कराने में सक्षम हो सके।

हालांकि, उन्होंने कहा कि पिछले साल अक्टूबर में इजराइल और हमास के बीच युद्धविराम के बाद से ‘‘हम अकाल की स्थिति को पीछे करने में सक्षम रहे हैं।’’ डब्ल्यूएफपी के अनुसार, इसके बावजूद गाजा की अनुमानित 14 लाख आबादी, यानी कुल जनसंख्या के 67 प्रतिशत लोग अब भी ‘‘संकट के स्तर या उससे भी बदतर स्थिति में गंभीर खाद्य असुरक्षा’’ का सामना कर रहे हैं। इनमें करीब दो लाख लोगों को भुखमरी से बचाने के लिए तत्काल खाद्य सहायता की जरूरत है। स्काऊ ने कहा कि डब्ल्यूएफपी अब सबसे ज्यादा जरूरतमंद लोगों को खाद्य सहायता देने को प्राथमिकता देगा।

इनमें बीमार लोग, कुपोषण के जोखिम का सामना कर रहीं माताएं और बच्चे तथा उस ‘‘पीली रेखा’’ के निकट रहने वाले लोग शामिल हैं, जो इजराइली बलों की मौजूदगी वाले क्षेत्र और फलस्तीनियों के रहने के क्षेत्र को अलग करती है। मुश्किलें तब और बढ़ गईं, जब इजराइली सेना ने पिछले सप्ताह गाजा में खाद्य पदार्थों सहित वाणिज्यिक वस्तुओं की आपूर्ति रोक दी। हालांकि, उसने सोमवार को कहा कि वह गाजा में वाणिज्यिक ट्रकों के प्रवेश के समन्वय की प्रक्रिया फिर शुरू करेगी।

साथ ही चेतावनी दी कि व्यापारियों द्वारा हमास को कर देने की खबरें सामने आने पर उनके लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे। स्काऊ ने कहा कि वेस्ट बैंक में इजराइली बस्तियों के निवासियों के बढ़ते हमलों ने पहले से मौजूद मानवाधिकार और संरक्षण संकट को ‘‘भूख के संकट’’ में बदल दिया है, क्योंकि पिछले तीन वर्षों में खाद्य असुरक्षा दोगुने से अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि वहां अब करीब 10 लाख फलस्तीनियों को खाद्य सहायता की जरूरत है।

अपने दौरे के दौरान स्काऊ ने जले हुए जैतून के बाग, शिविर और गांव देखे। उन्होंने कहा, ‘‘फसल कटाई के इन शुरुआती दो सप्ताह में ही बस्ती के निवासियों के हमलों की संख्या पिछले पूरे साल के आंकड़े से अधिक हो गई है।’’ स्काऊ ने चेतावनी दी कि ‘‘जहां भूख होती है, वहां अस्थिरता आती है। खाद्य सुरक्षा अब ऐसी सीमा बन गई है, जिसे पार करने का जोखिम हम नहीं उठा सकते।’’

प्रमुख खबरें

Peshawar High Court ने पूर्व मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी की कथित अवैध हिरासत पर मांगा जवाब

Mohan Bhagwat ने उठाई OTT Regulation की मांग, कहा- अनियंत्रित Social Media समाज के लिए खतरा

Assam के बोंगाईगांव में 204 साल बाद मिला दुर्लभ Ardisia Colorata पौधा

मुझे गिरफ्तार कर सकते हैं, मार सकते हैं... Sheikh Hasina ने बताया कब लौटेंगी बांग्लादेश