By अभिनय आकाश | May 25, 2026
पिछले कई दिनों से खबरें फैलाई जा रही हैं कि पीएम मोदी डोनल्ड ट्रंप से डरते हैं। ऐसा ही झूठा नैरेटिव इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ भी चलाया जा रहा है कि डोनाल्ड ट्रंप नेतन्याहू से भी नाराज है। एक मीटिंग में तो नेतन्याहू को धमका दिया। लेकिन अब अचानक कुछ ऐसा हुआ है जिसने पीएम मोदी और नेतन्याहू की ताकत दुनिया को दिखा दी है। झूठ ज्यादा दिनों तक जिंदा नहीं रहता उसे कॉकरोच की तरह कुचल दिया जाता है। दरअसल अमेरिका की आजादी के 250 साल पूरे होने पर दिल्ली के भारत मंडप कन्वेंशन सेंटर में एक कार्यक्रम चल रहा था। मंच पर अचानक अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर आए और उन्होंने कहा कि मेरे साथ फोन पर कोई है। उन्होंने फोन का स्पीकर ऑन किया। स्पीकर से डोनाल्ड ट्रंप की आवाज आई। आई लव द प्राइम मिनिस्टर मोदी ग्रेट। माय फ्रेंड। यह सब तो आप शायद सोशल मीडिया पर पहले भी पढ़ चुके होंगे। लेकिन आपको शायद यह पता नहीं होगा कि डोनाल्ड ट्रंप ने यहां फोन करने से पहले एक और फोन मिलाया था।
आपको बता दें कि 2020 में साइन हुए इब्राहिम अकॉर्ड के तहत संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और मोरक्को पहले ही इजराइल के साथ पीस डील साइन कर चुके हैं। लेकिन अब नेतन याू के प्रेशर के बाद डोन्ड ट्रंप ने सभी मुस्लिम देशों से कहा है कि वह इजराइल के साथ पीस डील साइन करें। ट्रंप ने जैसे ही बाकी मुस्लिम देशों से पीस डील साइन करने के लिए कहा, तो अचानक फोन पर सन्नाटा छा गया। मजाक में डॉन्ड ट्रंप ने पूछा कि क्या सभी लाइन पर अभी भी मौजूद हैं? रिपोर्ट्स की मानें तो अमेरिका ने खासतौर पर सऊदी अरब, कतर और पाकिस्तान से बोल दिया है कि इजराइल के साथ पीस डील साइन करो। आपको बता दें कि सऊदी अरब, क़तर और पाकिस्तान के इजराइल के साथ कोई औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं है। लेकिन अगर अमेरिका के दबाव में यह मुस्लिम देश और खासतौर पर पाकिस्तान, इजराइल को एक देश की मान्यता देते हैं, तो पूरी दुनिया की जिओपॉलिटिक्स ही बदल जाएगी।