By अनन्या मिश्रा़ | Apr 15, 2026
दुनियाभर में आंखों से संबंधित समस्याओं के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी में इसका जोखिम देखा जा रहा है। स्वास्थ्य एक्सपर्ट के मुताबिक आंखें हमारे शरीर का सबसे अहम अंग हैं। यह काफी संवेदनशील भी होती हैं। इसलिए आंखों को स्वस्थ रखने के लिए हमें एक्स्ट्रा सावधानी बरतने की जरूरत होती है। लेकिन जिस तरह से हमारी डाइट और लाइफस्टाइल में गड़बड़ी बढ़ती जा रही है, आंखों से संबंधित समस्याओं के मामले में काफी बढ़ गए हैं।
इसका मतलब चीजों का दो-दो दिखना है। डबल विजन की समस्या होने पर एक चीज की दो तस्वीरें दिखती हैं।
हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो आमतौर पर दोहरी दृष्टि एक अस्थायी समस्या होती है। लेकिन यह एक गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकता है। इस समस्या की वजह से ड्राइव करने या फिर चलने-फिरने में दिक्कत होती है।
डॉक्टर की मानें, तो आंखों की मांसपेशियों की कमजोरी, स्ट्रोक, नसों में समस्या, थायरॉइड और ब्रेन ट्यूमर के कारण डबल विजन की समस्या हो सकती है। इसके कारणों को समझना और इलाज कराना जरूरी हो जाता है।
डबल विजन का मतलब किसी वस्तु का दो दिखना होता है। वहीं डबल विजन के कारण आंखों में दर्द, सिरदर्द, शरीर का संतुलन बिगड़ने में परेशानी, चक्कर आ सकता है। डबल विजन वालों के लिए गाड़ी चलाने या पढ़ने आदि में परेशानी होती है।
मेडिकल रिपोर्ट्स के मुताबिक 60 साल के बाद लोगों में डबल विजन होने का खतरा बढ़ जाता है। वहीं कुछ न्यूरोलॉजिकल समस्याओं के शिकार लोगों में भी इसका खतरा बढ़ जाता है।
कई समस्याओं की वजह से आपको डिप्लोपिया या फिर दोहरी दृष्टि की समस्या हो सकती है। कोई भी ऐसी चीज जो आपके दिमाग, आपकी आंखों या फिर उनको कंट्रोल करने वाली नसों और मांसपेशियों पर असर डालती हैं। इससे डिप्लोपिया की समस्या बढ़ जाती है।
निकट-दृष्टि दोष और दूर-दृष्टि दोष के शिकार लोगों में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है।
ड्राई आई सिंड्रोम और मोतियाबिंद वालों में भी इसका खतरा रहता है।
जिन लोगों के सिर में चोट लगी है, उनमें भी डबल विजन की समस्या हो सकती है।
वहीं कुछ खास न्यूरोलॉजिटक या अन्य सेहत संबंधी समस्याओं जैसे स्ट्रोक, विटामिन बी1 की कमी, डायबिटीज, ब्रेन एन्यूरिज्म और थायरॉइड के मरीजों में खतरा अधिक होता है।
एक्सपर्ट के मुताबिक अगर आपको डबल विजन है, तो इसका इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि आपको यह समस्या किस कारण से है। कुछ लोगों को सिर्फ चश्मे या फिर कॉन्टैक्ट लेंस से लाभ मिल जाता है। लेकिन अगर आंखों की मांसपेशियां कमजरो होने के कारण ऐसा हो रहा है, जो फिर सर्जरी की जरूरत हो सकती है।
इस समस्या से बचने का कोई तरीका नहीं है। लेकिन कुछ सावधानियों के साथ आप इन जोखिमों को कम कर सकती हैं। धूम्रपान न करें, इससे आंखों को ज्यादा नुकसान होता है। स्क्रीन टाइम कम करें और आंखों को चोट से बचाएं। साल में कम से कम एक बार आंखों की जांच जरूर कराएं।