Chaitra Navratri: नवरात्रि में कलश स्थापना का क्या होता है महत्व, जानिए क्यों रखा जाता है नारियल

By अनन्या मिश्रा | Apr 01, 2025

चैत्र नवरात्रि की 30 मार्च 2025 से शुरूआत हो रही है। नवरात्रि के पहले दिन घरों में कलश स्थापना की जाती है। हिंदू धर्म में किसी भी शुभ काम को करने से स्थापित किया जाता है। कलश स्थापना से व्यक्ति को शुभ फल प्राप्त होता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। धर्म शास्त्रों के मुताबिक कलश को सुख-समृद्धि और मंगल कामनाओं का भी प्रतीक माना जाता है। नवरात्रि में कई मांगलिक कार्य जैसे शादी-विवाह और गृह प्रवेश आदि के दौरान भी कलश स्थापना की जाती है।

बता दें कि कलश स्थापना करने से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। वहीं कलश नारियल के बिना अधूरा माना जाता है। इसलिए हर कलश के ऊपर एक कच्चा नारियल रखा जाता है। जोकि लाल कपड़े में बांधकर रखा जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कलश के ऊपर नारियल क्यों रखा जाता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि कलश के ऊपर नारियल क्यों रखा जाता है और इसका क्या महत्व होता है।

आमतौर पर देखा जाता है कि कलश स्थापना के समय नारियल कलश के ऊपर रखा जाता है। कलश के ऊपर रखा नारियल भगवान गणेश का भी प्रतीक होता है। कलश स्थापना के दौरान सभी तीर्थों को आमंत्रित किया जाता है। धार्मिक शास्त्रों के मुताबिक इससे जातक को शुभ फल की प्राप्ति होती है और भगवान श्री गणेश भी प्रसन्न होते हैं।

कलश पर नारियल रखने का तरीका

कलश के ऊपर नारियल रखने का उद्देश्य होता है कि कलश में स्थित देवता और तीर्थ मंगलकारी हो। इससे मां लक्ष्मी की कृपा से जातक उन्नति करता रहे। कलश की स्थापना का मुख्य उद्देश्य तभी सफल होता है, जब पूजन करने वाले जातक की ओर कलश पर रखा हुआ नारियल का मुख हो। नारियल का मुख उस सिरे पर होता है, जिस तरफ से पेड़ की टहनी से जुड़ा होता है। इसलिए ध्यान रखें कि इसका मुख पूजा करने वाले व्यक्ति की ओर रहे।

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