By अंकित सिंह | Apr 13, 2026
प्रभासाक्षी न्यूज़ नेटवर्क के खास साप्ताहिक कार्यक्रम चाय पर समीक्षा में इस सप्ताह तमिलनाडु विधानसभा चुनाव और पश्चिम बंगाल चुनाव से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गयी। प्रभासाक्षी संपादक नीरज कुमार दुबे ने सवालों के जवाब दिये। पश्चिम बंगाल को लेकर प्रभासाक्षी के संपादक नीरज कुमार दुबे ने साफ तौर पर कहा कि इस बार राज्य में भाजपा के लिए एक अलग माहौल बन रहा है। भाजपा इस बार राज्य में सीधे तौर पर ममता बनर्जी को चुनौती देती हुई नजर आ रही है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी का जिस तरीके से बयान आ रहा है, उससे साफ तौर पर जाहिर होता है कि वह एक अतिरिक्त दबाव में हैं।
नीरज दुबे ने कहा कि इस बार भाजपा इस चुनाव को मोदी बना ममता बनर्जी नहीं होने देना चाहती। यही कारण है कि भाजपा का राष्ट्रीय नेता ममता बनर्जी का नाम तक नहीं रहता है और ममता बनर्जी जो भी सवाल करती है या जो भी आरोप लगाती हैं, वहां के स्थानीय नेता ही वही की भाषा में उसका जवाब भी देता है। सिर्फ और सिर्फ राष्ट्रीय नेतृत्व बंगाल में बीजेपी का विजन क्या होगा, उसको लेकर बात करता है। बंगाल में किस तरीके से चीजों को आगे बढ़ाया जाएगा उसकी बात की जाती है और लोगों को यह भरोसा दिला जाता है कि आपको डरना नहीं है। आपके घर से बाहर आना है और वोट डालने जाना है।
तमिलनाडु चुनाव को लेकर नीरज दुबे ने कहा कि वहां डीएमके और एआईएडीएम के काफी बड़ी और स्थानीय पार्टी है। कांग्रेस डीएमके के साथ गठबंधन में है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी एआईएडीएम के साथ गठबंधन में है। ऐसे में उन्हें दो क्षेत्रीय दलों का साख दांव पर लगा हुआ है। एमके स्टालिन के नेतृत्व वाले डीएम के दो टर्म से सस्ता सस्ता में है। ऐसे में उसके खिलाफ कुछ नकारात्मक चीज जरूर हुई होगी। एआईएडीएमके को उसी से फायदे की उम्मीद है। एआईएडीएमके के में कोई भी प्रभावशाली नेता दिखाई नहीं देता है। इसलिए पार्टी कितनी मजबूत है, इस पर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि बीजेपी जो चुनाव लड़ रही है, वह काफी कम सीटों पलट रही है। ऐसे में भाजपा के लिए वहां अपने दम पर करने का कुछ भी नहीं है।