By अभिनय आकाश | Oct 03, 2024
इजरायल ने हमास की पूरी तरह से कमर तोड़ दी है और अब वो हिजबुल्ला के खिलाफ ऑपरेशन को अंजाम देने में लगा हुआ है। ईरान के हमले के बाद इजरायल आर पार के मूड में नजर आ रहा है। हिजबुल्लाह को मिटाने के लिए इजरायली सैनिक लेबनान की सीमा में दाखिल भी हो चुके हैं। ग्राइंड ऑपरेशन में इस वक्त भीषण युद्ध जारी है। इन सब के बीच कतर की ओर और यूएन की ओर से शांति और समझौते की पहल की जा रही है। हालांकि दोनों देशों की बयाबाजी के बाद ऐसा लगता नहीं है कि ये पेशकश पर कोई अमल करेगा और ये सफल होगा। ईरान और इजरायल के बीच की जंग मीडिल ईस्ट में छिड़ी है। ईरान मिसाइल बरसा रहा है और इजरायल उन हमलों का मुंहतोड़ जवाब देने की तैयारी में है। ईरान ने इजरायल पर 200 मिसाइलें दागी तो हिजबुल्लाह की ओर से भी इजरायल पर लगातार हमले हो रहे हैं।
इजरायल ने लेबनान से उसके दक्षिणी भाग को अलग करने की ठान ली है। बेंजामिन नेतन्याहू जानते हैं कि नसरल्लाह की हत्या के बाद हिजबुल्लाह के पास कोई नेतृत्व नहीं है। ऐसे में नेतन्याहू इसका पूरा फायदा उठाना चाहते हैं। दक्षिणी लेबनान हिजबुल्लाह के लिए बेहद अहम माना जाता है। यहां पर मौजूद दायफ शहर उसके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसे हिजबुल्लाह का लाइफ लाइन भी कहा जाता है। बेरूत, त्रिपोली और सिडोन के बाद दायर लेबनान का चौथा बड़ा शहर है। दायर का लेबनान से संपर्क टूटने के बाद यूक्रेन की तरह हिजबुल्लाह की कमर टूट जाएगी। ये नीति पुतिन ने यूक्रेन के खिलाफ अपनाई थी और अब वही काम इजरायल लेबनान के साथ कर रहा है।