Chai Par Sameeksha: क्या है मोदी का 'मिशन साउथ', आखिर यहां के राज्यों पर क्यों फोकस कर रही भाजपा

By अंकित सिंह | Apr 10, 2023

प्रभासाक्षी के खास कार्यक्रम चाय पर समीक्षा में इस सप्ताह हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मिशन दक्षिण पर चर्चा की। हमेशा की तरह इस कार्यक्रम में मौजूद रहे प्रभासाक्षी के संपादक नीरज कुमार दुबे जी। भाजपा के मिशन दक्षिण पर नीरज कुमार दुबे ने कहा कि इसकी कमान खुद प्रधानमंत्री मोदी ने संभाल रखी है। उन्होंने कहा कि दक्षिण में प्रधानमंत्री ने जो विकास की सौगात दी है, वह आम आदमी के लिए भी है और खास आदमी के लिए। उन्होंने कहा कि वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन देश के अलग-अलग हिस्सों में चलाई जा रही है। लोगों के सफर का मतलब बदल गया है। दक्षिण भारत में भी कई वंदे भारत एक्सप्रेस दी जा चुकी है। नीरज दुबे ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के एक बयान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि खड़गे साहब कह रहे थे कि वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों झंडा दिखाने के लिए खुद प्रधानमंत्री जा रहे हैं। उनके पास कोई काम नहीं है। 

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नीरज दुबे ने कहा कि हाल में हमने देखा है कि किस तरीके से दक्षिण भारत का दो-तीन बड़े चेहरे भाजपा में शामिल हुए। इसमें एक एंटनी के बेटे अनिल एंटनी का भी नाम है। यह बताने के लिए काफी है कि दक्षिण भारत में भाजपा कितनी सक्रिय है और जमीन पर पहुंचने के लिए कोशिश कर रही है। भाजपा पूरी तरीके से युवाओं पर फोकस कर रही है और उन्हें साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है। भाजपा की कोशिश है कि दक्षिण भारत की लोकसभा सीटों पर अपनी पकड़ मजबूत की जा सके ताकि 2024 में पार्टी को फायदा मिले। यही कारण है कि अलग-अलग तरह से भाजपा दक्षिण में खुद को मजबूत करने की कोशिश में है। इसके अलावा कर्नाटक चुनाव को लेकर नीरज दुबे ने कहा कि फिलहाल मीडिया में कुछ और दिखाई दे रहा है, जमीनी हकीकत कुछ और है। और हमें नतीजों का इंतजार करना होगा। 

अडानी मामले को लेकर लगातार विपक्ष सरकार जेपीसी की मांग कर रहा है। लेकिन शरद पवार ने जो बयान दिया उससे विपक्षी एकता कहीं ना कहीं कमजोर पड़ती दिखाई दे रही है। इसी को लेकर हमने नीरज कुमार दुबे से सवाल पूछे। दुबे ने कहा कि शरद पवार पहले अपनी पार्टी का फायदा देखते हैं। उन्होंने कहा कि शरद पवार अनुभवी नेता है। लेकिन यही बात वह आज से चार-पांच दिन पहले कर दिए होते तो शायद संसद में एक-दो दिन कामकाज हो सकता था। पूरा संसद सत्र बर्बाद हो गया और बयान शरद पवार के बाद में आता है। अनुभवी नेता कभी-कभी अपने अनुभव के हिसाब से काम नहीं करते।

- अंकित सिंह 

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