क्यूआर कोड स्कैम क्या है? इससे कैसे बचा जा सकता है? यदि बिन बुलाए डिलीवरी एजेंट आपके पास पहुंचे तो उससे रहिए सावधान

By कमलेश पांडे | May 10, 2024

आधुनिक डिजिटल युग में ऑनलाइन पेमेंट करना नगद भुगतान करने से ज्यादा आसान हो गया है, लेकिन क्या आपको पता है कि क्यूआर कोड की मदद से भुगतान करने पर आपके साथ धोखाधड़ी भी हो सकती है। जी हां, ऐसा आपके साथ हो सकता है, इसलिए कतिपय सावधानियों का ख्याल रखना बेहद जरूरी हो चुका है। जानकारों के मुताबिक, क्यूआर कोड स्कैम एक तरह का ऑनलाइन फ्रॉड है जिसमें स्कैमर क्यूआर कोड का इस्तेमाल करके नासमझ लोगों को धोखा देते हैं और उनका अकाउंट खाली कर देते हैं।

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क्योंकि ऐसे मामले में स्कैमर्स आपके घर आता है और आपसे किसी बहाने से क्यूआर कोड स्कैन कर के आपका अकाउंट खाली कर सकता है। दरअसल, क्यूआर कोड स्कैन करते ही आपकी पर्सनल डिटेल, जैसे मोबाइल नंबर, बैंक अकाउंट नम्बर आदि स्कैमर्स को मिल जाती है। जिससे वह बड़ी आसानी से आपके साथ धोखाधड़ी को अंजाम दे सकता है।

उल्लेखनीय है कि क्यूआर कोड, जिसे क्विक रिस्पांस कोड भी कहा जाता है, एक तरह का 2डी बारकोड होता है, जो स्मार्टफोन या अन्य किसी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट की मदद से स्कैन किया जा सकता है। यह छोटे काले और सफेद वर्गों का एक पैटर्न होता है, जिसमें जरूरी जानकारी एन्कोडेड होती है, जैसे कि वेबसाइट यूआरएल, टेक्स्ट, कॉन्टैक्ट डिटेल या वाई-फाई पासवर्ड।

# समझिए, आम तौर पर क्यूआर कोड का इस्तेमाल कैसे किया जाता है?

क्यूआर कोड को स्कैन करके, आप सीधे किसी वेबसाइट पर जा सकते हैं। वहीं, आप किसी की पर्सनल या बिजनेस डिटेल को अपने फोन में सेव कर सकते हैं। इसके अलावा, क्यूआर कोड को स्कैन करके आप ऑटोमैटिक तौर पर वाई-फाई नेटवर्क से जुड़ सकते हैं। वहीं, क्यूआर कोड का इस्तेमाल मोबाइल फोन से जुड़ने के लिए किया जा सकता है। वहीं, मेनू देखने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके साथ ही क्यूआर कोड  का इस्तेमाल इवेंट की टिकट खरीदने के लिए भी किया जा सकता है।

# जानिए कि क्यूआर कोड कैसे काम करता है, ताकि आप सम्भावित धोखाधड़ी को परख सकें?

क्यूआर कोड स्कैम का इस्तेमाल करने वाले स्कैमर सम्बन्धित क्यूआर कोड को सोशल मीडिया, ईमेल या वेबसाइटों पर पोस्ट करते हैं। इसके साथ ही उसी क्यूआर कोड से मुफ्त गिफ्ट, पुरस्कार या डिस्काउंट का वादा करते हैं। ऐसे में जब भी कोई व्यक्ति क्यूआर कोड को स्कैन करता है, तो उन्हें एक फर्जी वेबसाइट पर ले जाया जाता है। जहां पर स्कैमर आपकी निजी जानकारी जैसे नाम, पता, क्रेडिट कार्ड की जानकारी या बैंक खाते की जानकारी मांग सकते हैं। कुछ क्यूआर कोड में मैलवेयर भी हो सकता है जो स्कैन करने वाले व्यक्ति के फोन या कंप्यूटर को इंफेक्टेड कर सकता है। इसलिए इसे समझना और इससे बचना दोनों जरूरी है।

# यहां पर क्यूआर कोड स्कैम से बचने के लिए पांच महत्वपूर्ण स्टेप्स दिए गए हैं, जिनका अनुपालन बहुत जरूरी है:-

पहला, संदिग्ध या अज्ञात स्रोतों से मिले क्यूआर कोड को कदापि स्कैन न करें। वहीं, किसी भी क्यूआर कोड को स्कैन करने से पहले उसके मूल सोर्स की जांच कर लें। वहीं, यदि आप क्यूआर कोड के स्रोत के बारे में निश्चित नहीं हैं, तो इसे कतई स्कैन न करें।

दूसरा, यदि आप क्यूआर कोड में दिए गए यूआरएल के बारे में निश्चित नहीं हैं, तो इसे स्कैन करने के बजाए मैन्युअल तौर अपने वेब ब्राउजर में टाइप करें। इससे आपके साथ धोखाधड़ी नहीं हो पाएगी।

तीसरा, क्यूआर कोड के माध्यम से कभी भी अपनी निजी जानकारी, जैसे कि क्रेडिट कार्ड नंबर, बैंक अकाउंट डिटेल या पासवर्ड किसी अन्य के साथ शेयर न करें। अन्यथा आप धोखाधड़ी के शिकार हो सकते हैं।

चतुर्थ, किसी भी डिलीवरी बॉय की तरफ से दिए गए ईमेल या फोन में आये लिंक या स्कैनर पर विश्वास करने से पहले उठे ठीक तरह से जांच लें। यदि आप ऐसा करेंगे तो यह आपके लिए फायदेमंद रहेगा।

पंचम, अपने स्मार्टफोन या कंप्यूटर पर एंटीवायरस सॉफ़्टवेयर इंस्टॉल करें और इसे अपडेट रखें। किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से बचने का यह सुलभ रास्ता है।

निष्कर्षतः यह कहा जा सकता है कि भले ही क्यूआर कोड एक बहुत उपयोगी तकनीक है, बावजूद इसके क्यूआर कोड स्कैम से सावधान रहना बहुत जरूरी है। यदि आप उपर्युक्त पांच स्टेप्स का पालन करेंगे तो खुद को क्यूआर कोड स्कैम का शिकार होने से बचा सकते हैं, अन्यथा कतई नहीं।

- कमलेश पांडेय

वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार

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