By एकता | Jan 03, 2023
सेक्स, लोगों की वो जरूरत है, जो उन्हें शारीरिक संतुष्टि देने के साथ उनके मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करती है। एक्सपर्ट कहते हैं कि हर व्यक्ति को अच्छी सेहत के लिए हफ्ते में कम से कम दो बार सेक्स करना चाहिए। आमतौर पर लोग अपनी शारीरिक जरूरतों के हिसाब से संबंध बनाते हैं। सेक्स करना पूरी तरह से लोगों के मूड पर निर्भर करता है, जो आमतौर पर बदलता रहता है। कई बार लोग हर दिन सेक्स करने के मूड में होते हैं तो कई बार हफ्तों तक उनके दिमाग में इसके ख्याल तक नहीं आते हैं।
सेक्सुअल डिजायर डिसऑर्डर के लक्षण
- सेक्स से जुड़े विचारो में कमी आना
- यौन गतिविधि में लगातार घटती रूचि
- हमेशा सेक्स नहीं करने का मन करना
- सेक्स के दौरान आनंद में कमी आना
- सेक्स करने के दौरान कुछ महसूस नहीं कर पाना
सेक्सुअल डिजायर डिसऑर्डर के कारण
- सेक्स के लिए नकारात्मक विचार रखना
- रिश्ते में खराब संचार और दुर्व्यवहार
- बचपन का कोई तनाव
- मधुमेह और थायरॉइड की समस्या
- मानसिक और शारीरिक शोषण
- सामान्य तनाव जैसे पैसों की दिक्कत, नौकरी का प्रेशर
- शराब का अधिक सेवन करना
सेक्सुअल डिजायर डिसऑर्डर से कैसे बचें
खुद को समस्या से बचाना चाहते हैं तो सेक्स की कमी महसूस होते ही पार्टनर से इस बारे में चर्चा करें। आमने-सामने बैठकर बातचीत करने से आपको चीजें समझने में आसानी होगी। इसके अलावा कोशिश करें कि दिनभर में थोड़ा समय सेक्स के लिए बचा कर रखें। ऐसा करने से आपको काफी मदद मिलेगी। आमतौर पर लोग थके होने की वजह से सेक्स नहीं करते हैं। इसलिए सेक्स के लिए टाइम बचाकर रखना अच्छा ऑप्शन होगा। ऐसा करने के बाद भी अगर आपको कुछ सुधार नजर नहीं आए तो डॉक्टर के पास जाकर अपनी काउंसलिंग करवाएं।