By अभिनय आकाश | Mar 24, 2026
अब तक की फिल्मों ने दाऊद को एक ऐसे शक्तिशाली 'डॉन' के रूप में पेश किया था जिससे पूरा सिस्टम थर्राता था। लेकिन ‘धुरंधर: द रिवेंज’ में यह तिलिस्म टूटता नजर आता है। फिल्म में वह खौफनाक माफिया नहीं, बल्कि एक जर्जर और असहाय इंसान के रूप में पर्दे पर उतरा है। फिल्म दिखाती है कि समय और ढलती उम्र ने उस 'धुरंधर' को कितना कमजोर कर दिया है, जिसकी कभी एक आवाज पर शहर रुक जाया करता था। वह गैंगस्टर, जो पूरी दुनिया को अपनी उंगलियों पर नचाना चाहता था, अब खुद अपने शरीर और हालातों से हारता हुआ दिखाई देता है। वह करना तो बहुत कुछ चाहता है, लेकिन उसकी ताकत अब इतिहास का हिस्सा बन चुकी है। आदित्य धर ने दाऊद के किरदार से 'हीरोइज्म' की परतें हटाकर उसे एक ऐसे अपराधी के रूप में दिखाया है जिसका अंत केवल खौफनाक ही नहीं, बल्कि बेहद दयनीय और बेबस है। फिल्म के साथ ही दाऊद इब्राहिम का किरदार फिर से चर्चा में आ गया। अंडरवर्लड डॉन दाऊद के मामले पर पाकिस्तान लगातार छुपाता रहा है। हिंदुस्तान का दुश्मन नं 1 दाऊद इब्राहिम 1993 के मुंबई हमले का आरोपी है। अमेरिका ने भी उसे आतंकी घोषित किया हुआ है। मुंबई ब्लास्ट के बाद दाऊद भारत से भाग गया था। ये डी कंपनी का सरगना भी है। संयुक्त राष्ट्र की ओर से घोषित आतंकवादी और 1993 के मुंबई धमाकों का मुख्य आरोपी दाऊद कराची में रहता है। ये कई बार दुनिया के सामने आया है। पाकिस्तान की ओर से सालों तक इस बात को बार बार नकारा गया है। लेकिन कराची में दाऊद के नाम पर तीन मकान हैं। दशकों से भारत में मोस्ट वॉन्टेड रहे दाऊद को पकड़ने की तमाम कोशिशें नाकाम रहीं। उसे ठिकाने लगाने के एक प्लान में तो खुद अजीत डोभाल शामिल थे।
मक्का में दाउद की बेटी के निकाह की खबर दिल्ली तक पहुंच गई थी। सारी एजेंसियों के कान खड़े हो गए थे। मौजूदा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार तब बस पांच महीने पहले ही जनवरी 2004 में आईबी यानी खुफिया ब्यूरो के निदेशक पद से रिटायर हुए थे। निकाह के बाद दावत ए वलीमा यानी रिसेप्शन की बारी थी। मियांदाद और दाऊद रिसेप्शन करांची में ही करना चाहते थे। पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों ने इसकी मंजूरी नहीं दी। लिहाजा ये तय हुआ कि दुबई के होटल ग्रैंड हयात में रिसेप्शन 23 जुलाई को होगा। इस बात की खबर पहली बार भारतीय एजेंसियों को लगी थी कि दाऊद किस तारीख को किस दिन कितने बजे कहां होगा। आईबी को पता था कि दाउद को मारने का इससे बेहतर अवसर नहीं मिलेगा।