By अभिनय आकाश | Jun 19, 2026
28 फरवरी से अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे भीषण युद्ध का अंत एक ऐतिहासिक और चौंकाने वाले कूटनीतिक समझौते (एमओयू) के साथ हुआ है। इस समझौते के तुरंत बाद जहां अमेरिका ने कदम पीछे खींचते हुए ईरानी बंदरगाहों और तेल टैंकरों से अपनी नाकेबंदी पूरी तरह हटा ली है, वहीं ईरान ने इसे अपनी 'ऐतिहासिक जीत' करार दिया है। दुनिया के सबसे अहम व्यापारिक समुद्री रास्तों में से एक 'होर्मुज जलडमरूमध्य' पर अपना दबदबा कायम करते हुए ईरान ने दो टूक कह दिया है कि वहां जहाजों की सुरक्षा के नाम पर किसी भी यूरोपीय नौसैनिक मिशन की दखलंदाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही, ईरान ने पश्चिमी देशों की रणनीति को झटका देते हुए एक बड़ा ऐलान किया है कि अमेरिका के साथ 60 दिनों की बातचीत की अवधि खत्म होते ही, यानी ठीक दो महीने बाद, इस रास्ते से गुजरने वाले हर जहाज से 'समुद्री टैक्स' वसूलने की एक नई व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को लेबनान, हिज़्बुल्लाह और इज़राइल समेत सभी मोर्चों पर पूरी तरह से युद्धविराम की उम्मीद है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में लिखा कि हम मध्य पूर्व क्षेत्र में सभी लोगों से अपील करते हैं कि वे हमारी बातचीत को अच्छी तरह से आगे बढ़ने देने के अपने वादे पर कायम रहें। इस बीच, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने भी इस समझौते को मंज़ूरी दे दी और ट्रंप की टीम के साथ सीधी बातचीत का समर्थन किया। खामेनेई ने कहा कि ट्रंप ने बेचैनी में यह समझौता करने के लिए हर तरह के हथकंडे अपनाए। यह ध्यान देने वाली बात है कि अपने पिता की हत्या के बाद मार्च में पद संभालने के बाद से खामेनेई सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए हैं। हालाँकि, स्थिति तब जटिल हो गई जब गुरुवार सुबह तक लेबनान के खिलाफ़ इज़राइली ड्रोन हमले और तोपखाने से गोलाबारी जारी रही। दूसरी ओर, हिज़्बुल्लाह ने हाल के दिनों में कफ़र तेबनित-अली अल-ताहेर इलाके में इज़राइली सेना पर हुए कई हमलों की ज़िम्मेदारी ली। हाल की घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इज़राइल की आलोचना करने वालों को आड़े हाथों लिया। व्हाइट हाउस में एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान वेंस ने कहा कि डोनाल्ड जे. ट्रंप दुनिया के एकमात्र ऐसे राष्ट्राध्यक्ष हैं जो इस समय इज़राइल देश के प्रति सहानुभूति रखते हैं। अगर मैं इज़राइली सरकार की कैबिनेट में होता, तो मैं शायद उस एकमात्र शक्तिशाली सहयोगी पर हमला नहीं करता जो मेरे पास पूरी दुनिया में बचा है। वेंस की इस आलोचना पर इज़राइल ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।