By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 08, 2026
भारत के दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने शुक्रवार को खुलासा किया कि अपने करियर के शुरुआती दौर में चैलेंजर ट्रॉफी में महेंद्र सिंह धोनी को आउट करने के बाद जरूरत से ज्यादा जश्न मनाने पर यह पूर्व भारतीय कप्तान नाराज हो गया था। जियोस्टार के ‘द रविचंद्रन अश्विन एक्सपीरियंस’ कार्यक्रम में इस ऑफ स्पिनर ने याद किया कि उन्हें लगा था कि धोनी को आउट करने से उन्हें आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के लिए खेलने का मौका मिल सकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘धोनी ने मुझसे पूछा, ‘इतना जश्न मनाने की क्या जरूरत है।’ मैंने कहा, ‘आपका विकेट लेना मेरा सपना था। शायद इससे मुझे सीएसके में खेलने का मौका मिल जाए।’ और अगले साल मुझे मौका मिल गया।’’ भारत की तरफ से टेस्ट क्रिकेट में 106 मैच में 537 विकेट लेने वाले अश्विन ने सीएसके के साथ अपने आईपीएल करियर का अंत किया क्योंकि वह वहीं खत्म करना चाहते थे जहां से उन्होंने शुरुआत की थी। उन्होंने कहा, ‘‘जब मुझे दोबारा सीएसके के लिए खेलने का मौका मिला, तो सबसे पहला विचार यही आया कि मैं उसी टीम के साथ अपने करियर को खत्म करूंगा जिससे मैंने शुरुआत की थी। मैं दो तीन साल और खेलना चाहता था लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वह एक अलग कहानी है इसके बारे में मैं अभी बात नहीं करूंगा।’’ अश्विन ने कहा, ‘‘मेरा एक और सपना था कि मैं चेपॉक में अपना करियर खत्म करूं। ऐसा नहीं हुआ। मेरा आखिरी आईपीएल मैच दिल्ली में था। मैंने अपना आखिरी वनडे मैच चेपॉक में ही खेला था। उस मैदान से मेरी कई यादें जुड़ी हैं। वह मेरे दिल के बेहद करीब है।’’
आईपीएल में उनका आखिरी विकेट युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी का विकेट था। इस स्पिनर ने कहा, ‘‘यह थोड़ा रणनीतिक था। क्रिकेट बदल गया है। नई पीढ़ी के खिलाड़ी स्पिनरों की गेंदों को उनकी लेंथ से बाहर जाकर खेलते हैं। इसलिए मैंने थोड़ी फुल लेंथ गेंद की थी। मैंने इसी तरह से संजू सैमसन का विकेट भी लिया था।’’ अश्विन ने कहा, ‘‘वैभव सूर्यवंशी असाधारण प्रतिभा है। जिस तरह से वह छक्के मार रहा था, मैंने उसे गेंद की फ्लाइट से चकमा देने की कोशिश की। वह चकमा खा गया, लेकिन जल्द ही उसने खुद को संभाला और मिड-ऑन की तरफ रिवर्स स्वीप खेला। मैंने बस यही कहा, ‘वाह, यह तो कमाल का खिलाड़ी है।’ उसके पास कौशल है। मैं उसे लाल गेंद की क्रिकेट में भी आजमाना चाहूंगा।