By नीरज कुमार दुबे | May 20, 2024
ओडिशा उन राज्यों में शुमार है जहां लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ कराये जा रहे हैं। पिछले 25 सालों से सत्ता में मौजूद बीजू जनता दल का प्रयास है कि छठी बार सरकार बना कर पिछले सभी राजनीतिक रिकॉर्ड तोड़ दिये जायें। लेकिन यह लक्ष्य आसान नहीं है क्योंकि भाजपा इस बार तगड़ी चुनौती पेश कर रही है। हम आपको याद दिला दें कि कुछ समय पहले तक भाजपा और बीजू जनता दल के बीच गठबंधन की सुगबुगाहट थी। चुनावों की तारीखों के ऐलान से पहले जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक सार्वजनिक मंचों पर एक दूसरे की तारीफ कर रहे थे उसको देखते हुए यह तय माना जा रहा था कि गठबंधन होकर रहेगा। कई केंद्रीय मंत्रियों ने भी इस बात के संकेत दे दिये थे लेकिन भाजपा की ओडिशा इकाई के विरोध के चलते पार्टी आलाकमान गठबंधन नहीं कर पाया।
लेकिन यहां एक बात और है कि ओडिशा के मुख्यमंत्री ने जिस तरह पिछले 25 सालों में बड़ी संख्या में लोगों को योजनाओं का लाभ दिया है उसके चलते एक बड़ा लाभार्थी वर्ग बना है जोकि हर हालत में बीजू जनता दल और नवीन पटनायक के साथ है। ओडिशा में बीजू जनता दल के अधिकांश समर्थक भी यह बात मान रहे हैं कि पार्टी के प्रति कुछ नाराजगी है लेकिन यह इतनी नहीं है कि सरकार चली जाये। बीजू जनता दल को लगता है कि भले पिछली बार से कुछ सीटें कम हो जायें लेकिन सरकार तो उसी की ही बनेगी। दरअसल इस बार नवीन पटनायक ने एक बड़ा वादा करते हुए कह दिया है कि यदि उपभोक्ता प्रति माह 200 यूनिट तक बिजली का उपभोग करते हैं तो जुलाई से उनका बिजली बिल नहीं आयेगा, यह वादा काफी असर करता दिख रहा है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में लोग इसे एक बड़ा वादा मान रहे हैं। इसके अलावा आम जनता को भी लगता है कि नवीन पटनायक चूंकि 78 वर्ष के हो चुके हैं तो संभव है कि वह आखिरी बार चुनाव लड़ रहे हों इसलिए वह उनको एक बार और वोट देना चाहते हैं। लोगों का कहना है कि यहां भाजपा सरकार में आयेगी लेकिन 2029 में क्योंकि एक बार और हम नवीन बाबू को जिताना चाहते हैं।
वहीं भाजपा मोदी सरकार की गारंटियों के भरोसे है और उसे उम्मीद है कि मोदी का नेतृत्व, चुनावी संकल्प पत्र में किये गये वादे तथा हिंदुत्व से जुड़े मुद्दे ओडिशा में उसकी सरकार बनवाने और लोकसभा की कम से कम 17 सीटें जितवाने में सहायक होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस तरह ओडिशा में काफी समय दे रहे हैं और पूरा भाजपा आलाकमान जिस तरह राज्य में सतत जपसंपर्क अभियान चला रहा है उससे साफ प्रदर्शित हो रहा है कि भाजपा अगली बार नहीं बल्कि इसी बार सत्ता में आने के लिए पूरी मेहनत कर रही है। जहां तक कांग्रेस का सवाल है तो उसके प्रत्याशियों को यहां ढूँढ़ना बड़ा काम है। ना पार्टी का झंडा दिखता है ना कार्यालय ना ही कोई चुनाव प्रचार करता दिखता है। जो लोग पुरी में कांग्रेस उम्मीदवार की ओर से टिकट लौटाये जाने पर तमाम तरह की बातें कर रहे थे उन्हें ओडिशा आकर कांग्रेस का हाल एक बार देखना चाहिए।
- नीरज कुमार दुबे