अल्लाह हू अकबर का नारा क्या था आतंकी हमले का इशारा? कौन हैं ऋषि भट्ट, जिसने अनजाने में अपने फोन में कैद कर लिया हमले का पूरा वीडियो

By अभिनय आकाश | Apr 30, 2025

अल्लाह हू अकबर के नारे के ठीक बाद आतंकियों ने पहलगाम में नरसंहार का गंदा खेल खेला। बैसरन घाटी में आतंकी हमले के नए वीडियो से सवाल उठने लगा है कि क्या अल्लाह हू अकबर का नारा आतंकी हमले का इशारा था। नए वीडियो से हुए खुलासे के बाद एनआईए ने मामले की जांच तेज कर दी है। जांच के दायरे में बैसरन घाटी के हर वो स्थानीय लोग हैं जो कि हमले के वक्त वहां मौजूद थे। जिपलाइन ऑपरेटर पर शक गहराता जा रहा है। उसने एनआईए की पूछताछ का सामना भी किया है। यही नहीं वहां मौजूद हर घोड़े वाला, स्पोर्ट्स खिलाने वाला, फोटोग्राफर, तमाम लोग एनआईए की जांच के दायरे में हैं। किसी को भी क्लीन चिट नहीं दी गई है। 100 से ज्यादा लोगों से पूछताछ कर रही है। धीरे धीरे जो बातें सामने आ रही है उससे ये दिख रहा है कि आतंकियों ने पूरी प्लानिंग के साथ घाटी को दहलाया था। आतंकी हमले के इस सबसे खौफनाक वीडियो के सामने आने के बाद जो सच्चाई सामने आई है वो दिल दहला देने वाली है। जैसे ही बैसरन घाटी के जिपलाइन ऑपरेटर ने अल्ला हू अकबर बोला आतंकियों ने गोली बरसानी शुरू कर दी। 

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ज़िपलाइन में 20 सेकंड के बाद मुझे एहसास हुआ कि कुछ गड़बड़ है। हमले के भयावह दिन को याद करते हुए भट्ट ने बताया कि कैसे कश्मीर में पारिवारिक छुट्टी के रूप में शुरू हुआ यह दिन जल्द ही एक बुरे सपने में बदल गया। भट्ट ने एक निजी मीडिया से बात करते हुए बताया कि हम कश्मीर और पहलगाम की यात्रा कर रहे थे। मेरी पत्नी, बेटा और चार अन्य लोग पहले ही ज़िपलाइन को सुरक्षित रूप से पार कर चुके थे। लेकिन जैसे ही मेरी बारी आई, ऑपरेटर ने तीन बार 'अल्लाहु अकबर' का नारा लगाया और फिर गोलीबारी शुरू हो गई। पहले तो भट्ट को समझ में नहीं आया कि क्या हो रहा है। लेकिन 15-20 सेकंड के भीतर यह स्पष्ट हो गया। उन्होंने कहा कि आप मेरे वीडियो में एक आदमी को गिरते हुए देख सकते हैं। उस पल, मुझे एहसास हुआ कि कुछ गड़बड़ है। घबराए हुए भट्ट ने कहा कि उन्होंने खुद को हवा में ही रोक लिया, कूद गए और अपने परिवार को खोजने के लिए दौड़ पड़े। उन्होंने कहा कि मैं केवल अपनी और अपने परिवार की जान बचाने के बारे में सोच रहा था।

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नरसंहार के तुरंत बाद, पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के एक ज्ञात प्रतिनिधि द रेजिस्टेंस फ्रंट ने हमले की जिम्मेदारी ली। हालांकि, बाद में समूह ने इस दावे को खारिज कर दिया। इस बर्बर हमले के बाद भारत ने डिप्लोमैटिक स्ट्राइक करके पाकिस्तान को बेदम करने में कोई क्षण नहीं गंवाया। इस क्रम में नई दिल्ली ने सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया, पाकिस्तानी राजनयिकों को निष्कासित कर दिया, अटारी-वाघा सीमा को सील कर दिया और देश में सभी पाकिस्तानी नागरिकों को एक निर्दिष्ट समय सीमा के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खून-खराबे के पीछे छिपे लोगों को कड़ी चेतावनी दी है। बिहार में एक रैली में बोलते हुए उन्होंने कहा भारत हर आतंकवादी, उनके आकाओं और उनके समर्थकों की पहचान करेगा, उन्हें ट्रैक करेगा और उन्हें दंडित करेगा। हम उन्हें दुनिया के कोने-कोने तक खदेड़ेंगे। उन्हें उनकी कल्पना से परे सजा दी जाएगी।

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