पिता सांसद से मंत्री तक रहे, खुद एक बार के MLA, कौन हैं शिवेश राम? जिन्हें BJP ने बिहार से बनाया राज्यसभा का 'सरप्राइज कैंडिडेट'

By अभिनय आकाश | Mar 03, 2026

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को आगामी राज्यसभा चुनावों के लिए छह राज्यों में अपने नौ उम्मीदवारों की सूची आधिकारिक तौर पर घोषित कर दी। नामांकन सूची में बिहार, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, ओडिशा और असम जैसे प्रमुख राज्यों के उम्मीदवार शामिल हैं। चुनाव आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 5 मार्च है और मतदान एवं मतगणना 15 मार्च को होगी। यह घोषणा संसद के उच्च सदन में अपनी उपस्थिति मजबूत करने की पार्टी की रणनीति में एक महत्वपूर्ण कदम है। बिहार से पार्टी ने दो उम्मीदवारों के नाम तय किए हैं। इनमें नितिन नवीन और शिवेश कुमार शामिल हैं। शिवेश कुमार राम बिहार की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख दलित चेहरों में गिने जाते हैं।

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पिता रहे आईएएस

शिवेश राम का पैतृक गांव ज्ञानपुर सेमरिया है। वर्तमान में उनका परिवार पटना के अंबेडकर कॉलोनी में निवास करता है। उनके पिता मुनि लाल प्रशासनिक सेवा से जुड़े रहे और आईएएस अधिकारी के रूप में कार्य किया। उनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव में ही हुई, जिसके बाद उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा उत्तीर्ण कर भारतीय प्रशासनिक सेवा में स्थान प्राप्त किया। वर्ष 2019 में उनका निधन हो गया। 

बिहार में वर्तमान राज्यसभा की कितनी सीट खाली

अप्रैल में पांच राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होने को लेकर बिहार में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। निवर्तमान सदस्यों में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह, प्रेमचंद गुप्ता, केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर, अमरेंद्र धारी सिंह और उपेंद्र कुशवाहा शामिल हैं। वर्तमान में, हरिवंश नारायण सिंह और रामनाथ ठाकुर जनता दल (यूनाइटेड) का प्रतिनिधित्व करते हैं, जबकि प्रेमचंद गुप्ता और अमरेंद्र धारी सिंह राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) से हैं। उपेन्द्र कुशवाह राष्ट्रीय लोक मोर्चा का प्रतिनिधित्व करते हैं। आगामी चुनाव राज्यसभा में बिहार के प्रतिनिधित्व की नई संरचना तय करेंगे।

चुनावी समीकरण और पांचवीं सीट का मुकाबला

2025 के चुनावों के बाद बिहार विधानसभा की मौजूदा स्थिति को देखते हुए, एनडीए पांच रिक्त सीटों में से चार पर आसानी से कब्जा कर सकता है। हालांकि, पांचवीं सीट का मुकाबला राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया है। पांचवीं सीट हासिल करने के लिए एनडीए को अपनी मौजूदा पुष्ट संख्या के अलावा कम से कम तीन अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होगी। भाजपा ने दो उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है और जेडीयू के पास दो सीटें हैं, ऐसे में पांचवीं सीट का अंतिम परिणाम निर्दलीय विधायकों के गठबंधन और विपक्षी दलों द्वारा अपनाई गई रणनीति पर निर्भर करेगा।

चुनाव समयरेखा और प्रक्रियात्मक विवरण

चुनाव आयोग ने राज्यसभा चुनावों के लिए एक स्पष्ट समयरेखा निर्धारित की है। 5 मार्च को नामांकन की अंतिम तिथि के बाद, दस्तावेजों की जांच होगी, जिसके बाद उम्मीदवारी वापस लेने की प्रक्रिया शुरू होगी। 15 मार्च को सुबह से मतदान होगा और उसी शाम मतगणना शुरू हो जाएगी। खबरों के मुताबिक, राजनीतिक दल अपने विधायकों के बीच आंतरिक सामंजस्य सुनिश्चित करने के लिए उपाय कर रहे हैं ताकि क्रॉस-वोटिंग की किसी भी घटना को रोका जा सके, जिससे उन राज्यों में अपेक्षित परिणामों में बदलाव आ सकता है जहां जीत-हार का अंतर बहुत कम है।

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