Chai Par Sameeksha: Maharashtra और Jharkhand में किसकी बनेगी सरकार? क्या कह रहे हैं समीकरण?

By अंकित सिंह | Oct 07, 2024

प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क के खास साप्ताहिक कार्यक्रम चाय पर समीक्षा में इस सप्ताह महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव, झारखंड विधानसभा चुनाव और प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी आदि से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गयी। इस दौरान प्रभासाक्षी संपादक ने कहा कि महाराष्ट्र और झारखंड के नतीजे चौंकाने वाले हो सकते हैं क्योंकि जनता नाटकीय राजनीतिक घटनाक्रमों से आजिज आ चुकी है। प्रभासाक्षी के संपादक नीरज कुमार दुबे ने इस बात की संभावना जताई कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के साथ झारखंड में भी विधानसभा चुनाव हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि दिसंबर में संसद सत्र भी रहता है। ऐसे में झारखंड चुनाव पहले कराया जा सकता हैं ताकि वहां सांसदों और नेताओं को प्रचार करने में कोई दिक्कत ना हो। नीरज दुबे ने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद से कांग्रेस जबरदस्त तरीके से सक्रिय हो गई है। राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा ने कांग्रेस में संजीवनी दे दी है। यही कारण है कि कांग्रेस को भी अब नया भविष्य दिखाई देने लगा है।

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महाराष्ट्र की राजनीतिक परिदृश्य के बारे में बताते हुए नीरज दुबे ने कहा वहां मुकाबला महायुती और महा विकास अघाडी के बीच ही होना है। हालांकि, दोनों ही गठबंधन में सब कुछ ठीक-ठाक नजर नहीं आता है। महायुती की बात करें तो एकनाथ शिंदे और अजीत पवार के नेतृत्व वाले दल से जिस तरीके से बयान आते हैं, वह गठबंधन के लिए ठीक नहीं है। दूसरी ओर भाजपा नेताओं की ओर से भी जिस तरीके के बयान आते हैं वह भी गठबंधन को लेकर बहुत कुछ कहता है। दूसरी ओर महा विकास आघाडी के बीच बैठके तो खूब हो रही हैं, लेकिन उनके नेताओं की ओर से जो बयान आ रहे हैं, वह कहीं ना कहीं हैरान करने वाले हैं। उद्धव ठाकरे सीएम पद को लेकर अड़े हुए हैं। हालांकि, शरद पवार और कांग्रेस को लेकर बहुत ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिख रही। 

झारखंड को लेकर नीरज दुबे ने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार के कामकाज को देखें तो कहीं ना कहीं कई सवाल जरूर उठे हैं। हेमंत सोरेन की सरकार में जिस तरीके से हिंदुओं पर हमले हुए, लव जिहाद के मामले आए, आदिवासी गांव में बांग्लादेशी घुसपैठियों का आना जाना बढ़ा, उससे झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार निशाने पर आ गई है। यही कारण है कि भाजपा इस चुनाव को लेकर अभी से ही इन्हें मुद्दा बना रही है। भाजपा अपनी वहां पूरी ताकत लगा रही है। भाजपा को भी पता है कि वहां दोबारा सत्ता किसी की नहीं आती है। ऐसे में भाजपा को उम्मीद है कि झारखंड में एक बार फिर से उसकी सरकार बन सकती है। हेमंत सोरेन सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप है। इसलिए भ्रष्टाचार को भी भाजपा मुद्दा बना रही है। 

बिहार की राजनीति और प्रशांत किशोर को लेकर नीरज दुबे ने कहा कि प्रशांत किशोर जिस तरीके की बातें कह रहे हैं, वह कहीं ना कहीं बहुत अच्छी बातें कह रहे हैं। लेकिन प्रशांत किशोर को बिहार में कितना स्वीकार किया जाएगा, यह अपने आप में बड़ी बात होगी क्योंकि बिहार की राजनीति जातियों पर आधारित है और जाति की राजनीति में प्रशांत किशोर कितना फिट बैठते हैं, यह समय बताएगा। नीरज दुबे ने कहा कि बिहार की स्थिति अच्छी नहीं है। नीतीश कुमार नई सोच के साथ अब दिखाई नहीं देते हैं। आज भी बिहार से लोगों का पलायन जारी है। वहां की स्थिति बहुत खराब है। वहां परिवर्तन जरूर होना चाहिए, बदलाव जरूर होना चाहिए। प्रशांत किशोर अच्छी बातें कह रहे हैं लेकिन प्रशांत किशोर को कितनी सीटें आएंगी, यह कहना बड़ा मुश्किल है। 

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