By अभिनय आकाश | Aug 11, 2026
ढाका से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। बांग्लादेश की खुफिया एजेंसी डीजीएफआई के गुप्त बुलावे पर भारत के चार शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों का खुफिया डेलीगेशन अचानक ढाका उतर चुका है। एक तरफ शेख हसीना की वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस ने बांग्लादेश की राजनीति में भूचाल ला दिया है। तो वहीं दूसरी तरफ भारत के उच्चायुक्त की प्रधानमंत्री तारिक रहमान के साथ होने वाली हाई वोल्टेज मुलाकात से पहले इस सीक्रेट विजिट ने कूटनीतिक गलियारों में इस वक्त हड़कंप मचा कर रख दिया है। रविवार की दोपहर को एयर इंडिया की फ्लाइट से भारत के चार सुरक्षा अधिकारियों का एक डेलीगेशन ढाका पर उतरता है। हैरानी की बात यह है कि इन अधिकारियों की सुरक्षा और मेहमान नवाजी का सारा इंतजाम बांग्लादेश की सबसे ताकतवर खुफिया एजेंसी डीजीएफआई यानी कि डायरेक्टर जनरल ऑफ फोर्स इंटेलिजेंस ने खुद किया और इन्हें सीधे होटल में ठहराया गया।
जवाब में भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने दो टूक यह साफ कर दिया है कि यह कार्यक्रम किसी निजी मीडिया संगठन का था और भारत सरकार का इससे कोई लेना देना नहीं है। भारत ने यह साफ कर दिया है कि वह उन बयानों का समर्थन नहीं करता। लेकिन इस बयानबाजी के बाद जो कूटनीतिक तनाव पैदा हुआ उसकी आग को बुझाने के लिए अब सुरक्षा अधिकारियों का यह डेलीगेशन ढाका में मौजूद है? यह दावा किया जा रहा है। सवाल यह है कि क्या प्रधानमंत्री तारिक रहमान सितंबर में होने वाली बीआईएमएस टीईईसी मीटिंग के लिए नई दिल्ली आएंगे?