सुशासन बाबू के राज में भरभरा कर गिरते हैं पुल, Nitish Kumar के राज में पुल पर चढ़ने से पहले यात्री रहें सावधान!

By नीरज कुमार दुबे | Jun 05, 2023

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने आप को सुशासन बाबू कहलवाना पसंद करते हैं। फिलहाल सुशासन बाबू उस पार्टी के सहयोग से सरकार चला रहे हैं जिसके नेताओं पर भ्रष्टाचार के तमाम आरोप हैं। सुशासन बाबू बिहार के मुख्यमंत्री भले हैं लेकिन उनका ध्यान बिहार के विकास पर नहीं बल्कि 2024 में नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद से हटाने पर लगा हुआ है इसलिए वह पटना में कम रहते हैं और उनका ज्यादातर समय दूसरे राज्यों की राजधानियों में विपक्षी एकता के प्रयास करने में बीतता है। इसलिए बिहार हर मामले में देश के अन्य राज्यों से भले पिछड़ा हुआ हो लेकिन भ्रष्टाचार के मामलों में आगे नजर आता है। यहां करोड़ों रुपए से बने पुल को कभी आंधी उड़ा ली जाती है तो कभी वह खुद ही भरभरा कर गिर जाता है।

इसे भी पढ़ें: Bihar में Ganga नदी पर बन रहा निर्माणाधीन पुल धवस्त, CM Nitish Kumar ने दिए जांच के आदेश देकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के दिए निर्देश

दूसरी ओर, मुख्यमंत्री के बयान की बात करें तो उनका कहना है कि भागलपुर में पहले भी ऐसा हुआ था तब भी हमने पूछा था कि ऐसा क्यों हुआ? नीतीश कुमार ने कहा कि 2014 से इस पर काम शुरू हुआ था। अब पुल गिरने की घटना के बाद हमने विभाग के लोगों को एक्शन लेने के लिए कहा है।

वहीं विपक्ष ने नीतीश सरकार पर हमला बोलते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की बिहार इकाई के अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने कहा कि यह घटना दर्शाती है कि नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली बिहार सरकार के शासन में ‘‘भ्रष्टाचार व्याप्त है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘पुल के निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। मुख्यमंत्री को बिहार के विकास की जरा भी चिंता नहीं है... वह अपने दौरे पर व्यस्त हैं। इस घटना के बाद उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।’’ भाजपा नेता एवं भागलपुर के पूर्व सांसद सैयद शाहनवाज हुसैन ने भी घटना के लिए ‘‘भ्रष्टाचार’’ को जिम्मेदार ठहराते हुए मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की।

प्रमुख खबरें

Bhadohi से अगवा किशोरी Jaunpur में मिली, पुलिस ने आरोपी अरमान को पकड़ा

Top 10 Breaking News 24 August 2026 | Iran-US Economic War | Operation Sindoor | Singheshwar Temple Stampede | आज की मुख्य सुर्खियाँ यहां विस्तार से पढ़ें

Indonesia Forest Fire बुझाने के लिए 10,700 से अधिक दमकलकर्मी तैनात

जंतर-मंतर की सियासी झाड़फूंक: संविधान, राजनीति और सामाजिक न्याय की असली परीक्षा!